पटना : बिहार में महागठबंधन ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की ओर से कपिल देव प्रसाद और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी समेत गठबंधन के नेताओं ने अपनी बात रखी।
महागठबंधन नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए विपक्ष को एकजुट होकर सड़क पर उतरना होगा। ये आरोप विपक्षी नेताओं के हैं।
6 अक्टूबर को सांसदों का प्रदर्शन
महागठबंधन ने बताया कि 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। INDIA गठबंधन ने पहले भी 6 अक्टूबर को संसद से चुनाव आयोग तक मार्च का कार्यक्रम घोषित किया है।
तेजस्वी यादव का चुनाव आयोग पर हमला
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में वही व्यक्ति महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर पहुंचता है जिसे सरकार चाहती है।
तेजस्वी यादव ने बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों में कथित गड़बड़ी का भी आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव आयोग पर बीजेपी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। इन आरोपों पर चुनाव आयोग या सत्तारूढ़ पक्ष का पक्ष भी महत्वपूर्ण है और इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
7 अक्टूबर को प्रखंड स्तर पर मार्च
महागठबंधन ने 7 अक्टूबर को बिहार के हर प्रखंड में मार्च निकालने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की आपत्तियों को जनता तक पहुंचाना बताया गया है।
8 अक्टूबर को धरना और लोक भवन मार्च
आंदोलन के अगले चरण में 8 अक्टूबर को धरना देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही लोक भवन की ओर मार्च निकालने और राज्यपाल से मुलाकात करने की योजना भी बताई गई है।
महागठबंधन नेताओं का कहना है कि अलग-अलग दल कई चुनावों में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर वे एक साथ खड़े हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि राजनीतिक दल भले ही अलग-अलग चुनावों में एक-दूसरे के खिलाफ रहे हों, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से विपक्षी दलों ने एकजुट होकर सड़क पर उतरने का फैसला किया है।
महागठबंधन के आंदोलन का कार्यक्रम:
6 अक्टूबर: विपक्षी सांसदों का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन
7 अक्टूबर: बिहार के प्रखंड स्तर पर मार्च
8 अक्टूबर: धरना और लोक भवन मार्च, राज्यपाल से मुलाकात की कोशिश







