पटना : बिहार में शराब तस्करी के खिलाफ सरकार ने सख्ती बढ़ाने की तैयारी कर ली है। राज्य के चार जिलों में बड़े वाहनों के जरिए होने वाली शराब तस्करी पर लगाम लगाने के लिए विशेष निगरानी और सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। वहीं, देसी शराब के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए दो अन्य जिलों में भी विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की इस पहल से शराब माफियाओं और तस्करों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मुजफ्फरपुर समेत चार जिलों पर विशेष नजर
मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को शराब तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके तहत मुजफ्फरपुर, वैशाली, सिवान और छपरा में बड़े वाहनों के माध्यम से होने वाली शराब की तस्करी पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इन इलाकों में वाहनों की सघन जांच कर तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध शराब की तस्करी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है। ऐसे में बड़े वाहनों के जरिए होने वाली तस्करी को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है।
मधुबनी और भागलपुर में भी चलेगा अभियान
शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए मधुबनी और भागलपुर में देसी शराब की बरामदगी और जब्ती के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों को अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और कारोबार से जुड़े मामलों में सतर्कता बरतने तथा प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।
चेकपोस्ट और डिजिटल लॉक व्यवस्था पर भी जोर
अभियान के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था में सुधार के लिए चेकपोस्ट कर्मियों के स्थानांतरण और डिजिटल लॉक व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कदमों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य तस्करी की संभावनाओं को कम करना और जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
जमानत पर बाहर आए माफिया भी रडार पर
कार्रवाई के तहत जमानत पर बाहर आए शराब माफियाओं की गतिविधियों पर भी नजर रखने की तैयारी है। ऐसे मामलों में कानून के दायरे में रहकर निगरानी और आवश्यक कार्रवाई पर जोर दिया जाएगा, ताकि अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क को दोबारा सक्रिय होने से रोका जा सके।
शराब तस्करों पर सख्ती की तैयारी
बिहार में शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए सरकार का जोर अब तस्करी के रास्तों, बड़े वाहनों और अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करने पर है। आने वाले दिनों में इन जिलों में जांच और निगरानी अभियान की प्रभावशीलता पर नजर रहेगी। हालांकि, अभियान के दौरान कितनी बरामदगी होती है और कितने लोगों पर कार्रवाई की जाती है, इसकी जानकारी आगे की आधिकारिक रिपोर्ट से स्पष्ट होगी।







