पटना : बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्रामीण कार्य विभाग के गुणवत्ता परीक्षण, छपरा में कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ लगभग 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को उनके चार ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
निगरानी थाना कांड संख्या 121/2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों में मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद जांच के क्रम में अधिकारियों की टीम ने चंद्रशेखर सिंह से जुड़े चार ठिकानों पर तलाशी शुरू की।
इनमें छपरा स्थित उनका कार्यालय, पटना के सरयुग वमिका अपार्टमेंट स्थित फ्लैट नंबर 103, कटिहार के लोहिया नगर स्थित आवास और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के फनसीदेवा थाना क्षेत्र में स्थित एक ठिकाना शामिल है।
पटना और कटिहार से 5 लाख रुपये नकद बरामद
तलाशी के दौरान अब तक पटना स्थित आवास से लगभग 3 लाख रुपये नकद और कटिहार स्थित आवास से करीब 2 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा कटिहार स्थित आवास से लगभग 250 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण भी मिले हैं।
निगरानी विभाग की ओर से बरामद नकदी और आभूषणों के स्रोत तथा उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
पत्नी के नाम पर मिली 92 डिसमिल जमीन
जांच के दौरान पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के फनसीदेवा थाना क्षेत्र में चंद्रशेखर सिंह की पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर खरीदी गई 92 डिसमिल जमीन का पता चला है। यह जमीन वर्ष 2021 में खरीदी गई थी और इसका कुल रकबा लगभग 31 कट्ठा बताया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट स्थित है। इसका बाजार मूल्य करोड़ों रुपये होने की जानकारी मिली है, हालांकि वास्तविक कीमत का सत्यापन अभी किया जाना है।
परिसंपत्ति विवरणी में जमीन का उल्लेख नहीं
जांच एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2025-26 में विभाग को सौंपी गई परिसंपत्ति विवरणी में इस जमीन का उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में जमीन की खरीद में इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत, खरीद मूल्य और वर्तमान बाजार मूल्य की जांच की जा रही है।
इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि संबंधित संपत्ति का विवरण विभागीय घोषणा में क्यों नहीं दिया गया। इस मामले में दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन का सत्यापन किया जा रहा है।
अभी जारी है तलाशी अभियान
निगरानी विभाग के अनुसार, चारों ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई अभी जारी है। तलाशी पूरी होने के बाद बरामद संपत्तियों और जांच में सामने आए अन्य तथ्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
फिलहाल, यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच के तहत की जा रही है। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही संपत्तियों और संबंधित वित्तीय स्रोतों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







