Homeदेश6 शहरों के 29 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, शेयर निवेशकों को...

6 शहरों के 29 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, शेयर निवेशकों को नुकसान का मामला

नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में कथित हेरफेर के मामले में शुक्रवार को छह शहरों में 29 ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में सामने आया कि दो कंपनियों के शेयर खरीदने के लिए व्हाट्सऐप समूहों के जरिए निवेशकों को लगातार खरीदारी के संदेश भेजे गए। इसके बाद दोनों कंपनियों के शेयरों की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिससे एक लाख से अधिक छोटे निवेशकों को नुकसान हुआ। ईडी ने छापेमारी के दौरान लेनदेन के रिकॉर्ड, डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए हैं।

ईडी के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय-I ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत मुंबई, नासिक, अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत और भावनगर में कार्रवाई की। ये छापे आरएम ड्रिप एंड स्प्रिंकलर्स सिस्टम्स लिमिटेड और आरएंडबी डेनिम्स लिमिटेड के शेयरों में कथित हेरफेर की जांच के सिलसिले में मारे गए। तलाशी के दायरे में दोनों कंपनियों के कार्यालय, उनके प्रवर्तकों के आवास, कम कीमत पर शेयर पाने वाले लोगों के ठिकाने, शेयर दलाली और वित्तीय कंपनियों के कार्यालय तथा कथित तौर पर प्रचार के लिए व्हाट्सऐप समूह चलाने वाले लोगों के परिसर शामिल थे।

ईडी की जांच के अनुसार, अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच दोनों कंपनियों ने चुनिंदा व्यक्तियों और संस्थाओं को 3.5 करोड़ से अधिक शेयर और परिवर्तनीय वारंट जारी किए। इन शेयरों के लिए भुगतान की गई राशि का बड़ा हिस्सा आपस में जुड़े कुछ व्यक्तियों, कंपनियों और ऋणदाताओं के समूह से आया था। इसके बाद के महीनों में दोनों कंपनियों के शेयरों की कीमतें लगातार बढ़ाई गईं, जबकि अधिकांश शेयर कुछ चुनिंदा लोगों के पास ही बने रहे।

जांच में सामने आया कि दिसंबर 2025 के अंत से फरवरी 2026 के बीच ‘मल्टीबैगर स्टॉक्स’ जैसे नामों वाले व्हाट्सऐप समूहों में रोजाना इन शेयरों को खरीदने की सलाह दी जाती थी। ईडी के मुताबिक, इन समूहों को चलाने के लिए हरियाणा और मुंबई में दूसरे लोगों के नाम पर लिए गए सिम कार्डों का इस्तेमाल किया गया, जबकि समूहों का संचालन गुजरात के भावनगर से किया जा रहा था।

इन संदेशों के बाद दोनों कंपनियों के शेयरों में खरीदारों की संख्या लगभग 3,400 से बढ़कर एक लाख से अधिक हो गई। 25 फरवरी को व्हाट्सऐप समूह अचानक हटा दिए गए। इसके बाद दोनों कंपनियों के शेयर निचले सर्किट पर पहुंच गए और कुछ ही दिनों में उनकी कीमतों में करीब 70 फीसदी की गिरावट आई। इससे एक लाख से अधिक छोटे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ और वे ऐसे शेयरों के साथ फंस गए, जिन्हें बेचना मुश्किल हो गया था।

ईडी ने तलाशी के दौरान अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, शेयर लेनदेन के रिकॉर्ड और संपत्ति संबंधी कागजात जब्त किए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments