नई दिल्ली : टेलीकॉम की दुनिया में 5G तकनीक का एक नया रूप तेजी से चर्चा में है, जिसे RedCap 5G कहा जाता है। इसका पूरा नाम Reduced Capability 5G है। यह तकनीक खास तौर पर उन डिवाइसेज के लिए विकसित की गई है, जिन्हें हाई-स्पीड इंटरनेट की जरूरत तो होती है, लेकिन स्मार्टफोन जैसी महंगी और अधिक क्षमता वाली 5G तकनीक की आवश्यकता नहीं होती।
ग्लोबल मोबाइल सप्लायर्स एसोसिएशन (GSA) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल दुनिया के उन चुनिंदा ऑपरेटरों में शामिल है, जो RedCap तकनीक को लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस तकनीक से स्मार्टवॉच, फिटनेस ट्रैकर, होम सिक्योरिटी कैमरे और स्मार्ट होम डिवाइसेज को सीधे 5G नेटवर्क से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
क्या है RedCap 5G और कैसे करता है काम?
RedCap 5G को आसान भाषा में 5G का हल्का और कम संसाधनों वाला संस्करण समझ सकते हैं। सामान्य 5G स्मार्टफोन मॉडम को अधिक डेटा प्रोसेसिंग क्षमता की जरूरत होती है। इससे डिवाइस की लागत और बिजली की खपत बढ़ सकती है।
लेकिन हर डिवाइस को इतनी अधिक क्षमता की जरूरत नहीं होती। उदाहरण के लिए, स्मार्टवॉच, फिटनेस बैंड और स्मार्ट सेंसर को सीमित मात्रा में डेटा भेजने और प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। ऐसे उपकरणों के लिए RedCap तकनीक कम जटिल हार्डवेयर के साथ 5G कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित की गई है।
इससे संबंधित डिवाइसेज को डिजाइन करने की लागत कम करने और ऊर्जा की खपत घटाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, बैटरी लाइफ में वास्तविक सुधार डिवाइस के डिजाइन, नेटवर्क कवरेज और इस्तेमाल पर निर्भर करेगा।
स्मार्टवॉच और सिक्योरिटी कैमरों को मिलेगा फायदा
RedCap 5G का सबसे बड़ा संभावित फायदा स्मार्ट और कनेक्टेड डिवाइसेज की दुनिया में देखने को मिल सकता है।
- स्मार्टवॉच: कुछ स्मार्टवॉच सीधे मोबाइल नेटवर्क से जुड़कर डेटा का आदान-प्रदान कर सकेंगी।
- फिटनेस ट्रैकर: स्वास्थ्य और फिटनेस से जुड़े आंकड़े नेटवर्क के माध्यम से भेजने में मदद मिल सकती है।
- होम सिक्योरिटी कैमरे: उपयुक्त नेटवर्क और हार्डवेयर के साथ कैमरे Wi-Fi पर पूरी तरह निर्भर हुए बिना मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- स्मार्ट होम डिवाइसेज: सेंसर और अन्य उपकरणों को इंटरनेट से जोड़ने के लिए नए विकल्प मिल सकते हैं।
हालांकि, इन सुविधाओं का लाभ तभी मिलेगा, जब संबंधित डिवाइस में RedCap सपोर्ट हो और टेलीकॉम ऑपरेटर के नेटवर्क पर यह सेवा उपलब्ध हो।
RedCap 5G पर काम कर रहा Airtel
GSA की रिपोर्ट में भारती एयरटेल को उन चुनिंदा टेलीकॉम ऑपरेटरों में शामिल बताया गया है, जो RedCap तकनीक को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इंडोनेशिया की टेलीकॉम कंपनी टेल्कॉमसेल का नाम भी इस संदर्भ में सामने आया है।
दुनिया के कई ऑपरेटरों ने 5G नेटवर्क शुरू कर दिए हैं, लेकिन स्टैंडअलोन 5G यानी SA नेटवर्क को अपनाने की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही है। इसके पीछे नेटवर्क पर होने वाला भारी निवेश, मौजूदा बुनियादी ढांचे में बदलाव और तकनीकी चुनौतियां प्रमुख कारण हैं।
स्टैंडअलोन 5G नेटवर्क को 5G कोर नेटवर्क पर बनाया जाता है। यह नेटवर्क एडवांस्ड सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जिनमें RedCap और नेटवर्क स्लाइसिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं।
फैक्ट्रियों से स्मार्ट बिजली मीटर तक बदलेगी तस्वीर
RedCap 5G का इस्तेमाल केवल व्यक्तिगत गैजेट्स तक सीमित नहीं रहेगा। औद्योगिक क्षेत्रों में भी इसके कई संभावित उपयोग हैं।
फैक्ट्रियों में सेंसर, मशीनों की निगरानी करने वाले उपकरण, ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम और स्मार्ट बिजली मीटर जैसे उपकरण इस तकनीक से लाभ उठा सकते हैं। इससे इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) से जुड़े उपकरणों को मोबाइल नेटवर्क पर कनेक्ट करने के नए विकल्प मिलेंगे।
औद्योगिक उपयोग के लिए यह तकनीक खास तौर पर उन उपकरणों में उपयोगी हो सकती है, जिन्हें लगातार कनेक्टिविटी चाहिए, लेकिन बहुत अधिक डेटा क्षमता की आवश्यकता नहीं होती।
क्या आम यूजर्स को अभी मिलेगा फायदा?
RedCap 5G का व्यावहारिक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि टेलीकॉम कंपनियां इसे कब और किन क्षेत्रों में उपलब्ध कराती हैं। इसके अलावा, डिवाइस निर्माताओं को भी ऐसे उत्पाद पेश करने होंगे, जो इस तकनीक को सपोर्ट करते हों।
आने वाले समय में RedCap 5G कम लागत वाले कनेक्टेड डिवाइसेज के विकास को बढ़ावा दे सकता है। इससे स्मार्ट होम, औद्योगिक ऑटोमेशन और IoT के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने की संभावना है।







