मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सवर्ण समाज संघर्ष मोर्चा की ओर से आगामी 4 नवंबर 2026 को विशाल जन आक्रोश मार्च निकालने की घोषणा की गई है। शहर के ऐतिहासिक खुदीराम बोस मैदान से प्रस्तावित इस मार्च को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मोर्चा के संयोजक रघुनंदन प्रसाद सिंह उर्फ अमर बाबू ने बताया कि विजयादशमी के बाद आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
आयोजकों के अनुसार, मार्च के समापन पर जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को मांग पत्र सौंपा जाएगा। इसमें यूजीसी के कथित सवर्ण विरोधी निर्णय को वापस लेने, एट्रोसिटी एक्ट की समीक्षा करने और आरक्षण व्यवस्था में बदलाव सहित कई मांगें शामिल होंगी।
UGC के फैसले की वापसी की मांग
सवर्ण समाज संघर्ष मोर्चा ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के उस निर्णय को वापस लेने की मांग उठाई है, जिसे संगठन सवर्ण विरोधी मानता है। इसके अलावा, मोर्चा की ओर से एट्रोसिटी एक्ट की समीक्षा कर इसे समाप्त करने की दिशा में कदम उठाने की मांग भी की गई है।
आयोजकों ने वर्तमान आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा करने और इसे जातिगत आधार के बजाय आर्थिक स्थिति के आधार पर लागू करने की मांग रखी है। संगठन का कहना है कि उसकी मांगों का उद्देश्य विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच समान अवसर सुनिश्चित करना है।
शांतिपूर्ण आंदोलन करने का दावा
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि जन आक्रोश मार्च लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, पहले आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा था। अब इसे व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
संगठन की ओर से मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न प्रखंडों और ग्रामीण इलाकों में जन जागरण अभियान चलाने की योजना बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक आंदोलन की मांगें पहुंचाई जा सकें।
उत्तर बिहार के अन्य जिलों तक आंदोलन के विस्तार की तैयारी
आयोजकों ने बताया कि मुजफ्फरपुर के बाद आंदोलन को समस्तीपुर, बेगूसराय और वैशाली सहित उत्तर बिहार के अन्य जिलों तक विस्तारित करने की योजना है। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं और समर्थकों से संपर्क किया जा रहा है।
जन आक्रोश मार्च की तैयारियों को लेकर हुई बैठकों में आगामी रणनीति और लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की गई। इस अवसर पर शशि कुमार सिंह, धीरेंद्र प्रसाद सिंह, सुरेंद्र प्रसाद सिंह सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने प्रस्तावित कार्यक्रम को समर्थन देने की बात कही।
फिलहाल, 4 नवंबर को प्रस्तावित मार्च को लेकर संगठन की तैयारियां जारी हैं। कार्यक्रम के आयोजन, प्रशासनिक अनुमति और यातायात व्यवस्था से संबंधित आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद मार्च की व्यवस्थाओं की तस्वीर और स्पष्ट होगी।







