नवादा : नवादा के मोतनाजे-मधुबन में फसलों को बर्बाद करने और कथित गलत तरीके से भूमि अधिग्रहण के विरोध में सोमवार को हजारों किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ नवादा की सड़कों पर प्रदर्शन किया। किसानों ने बर्बाद हुई धान की फसल का पर्याप्त मुआवजा देने और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह, संयुक्त किसान मोर्चा के नेता दिनेश कुमार, अशोक प्रसाद सिंह और पूर्व विधायक मो. कामरान ने किया।
सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि किसानों के हक और जमीन की रक्षा के लिए ‘करो या मरो’ की तर्ज पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से किसानों की बर्बाद फसल का मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की।
हजारों किसानों का काफिला सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ आईटीआई मैदान की ओर बढ़ रहा था। नगर थाना के पास पुलिस बल के साथ पहुंचे एसडीओ ने कई ट्रैक्टरों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सांसद सुधाकर सिंह, पूर्व विधायक मो. कामरान और किसान नेताओं ने पैदल प्रतिरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए धरनास्थल की ओर बढ़े।
आईटीआई मैदान से पहले प्रशासन ने एक बार फिर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद सांसद और किसान नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने ‘डीएम की तानाशाही नहीं चलेगी’, ‘बर्बाद फसलों का मुआवजा दो’ और ‘दोषी अधिकारियों को जेल में बंद करो’ जैसे नारे लगाए।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया। नेता अशोक प्रसाद सिंह के साथ मारपीट कर उनका कुर्ता फाड़ने और उन्हें घायल करने का भी आरोप लगाया गया।
आंदोलनकारियों ने दावा किया कि सांसद सुधाकर सिंह, पूर्व विधायक मो. कामरान तथा किसान नेता दिनेश कुमार और अशोक प्रसाद सिंह को गिरफ्तार कर अकबरपुर थाना में रखा गया। किसानों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। नवादा के अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा है कि सभी नेताओं को छोड़ दिया गया है।







