पटना : बिहार की राजनीति में मोकामा के विधायक अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता को लेकर हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार को अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा से संबंधित पत्र सौंपा। इस दौरान उन्होंने अपने पक्ष में 10 पन्नों के दस्तावेज और वीडियो भी प्रस्तुत किए। अब इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष के स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
MLC चुनाव में पार्टी लाइन से अलग चलना पड़ा भारी?
अनंत सिंह के खिलाफ जेडीयू की कार्रवाई की मुख्य वजह हालिया बिहार विधान परिषद चुनाव में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के विरोध का मामला बताया जा रहा है। आरोप है कि मोकामा विधायक ने जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया और उनके पक्ष में चुनाव प्रचार भी किया।
पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए कार्रवाई की। जेडीयू ने 24 अक्टूबर को अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने की घोषणा की थी। उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी को भी छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया।
स्पीकर को सौंपे गए 10 पन्नों के दस्तावेज और वीडियो
26 अक्टूबर को उमेश कुशवाहा विधानसभा पहुंचे और अनंत सिंह की सदस्यता समाप्त करने की मांग से संबंधित पत्र के साथ दस्तावेजी साक्ष्य और वीडियो सौंपे। जेडीयू की ओर से भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
अब विधानसभा अध्यक्ष संबंधित दस्तावेजों और मामले के तथ्यों की समीक्षा कर सकते हैं। हालांकि, अनुशंसा पत्र और साक्ष्य सौंपने का अर्थ यह नहीं है कि अनंत सिंह की विधायकी तत्काल समाप्त हो गई है। सदस्यता पर अंतिम निर्णय निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
क्या अनंत सिंह की विधायकी खत्म हो जाएगी?
यह इस पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम सवाल है। जेडीयू की ओर से सदस्यता समाप्त करने की मांग की गई है, लेकिन पार्टी से निष्कासन और विधानसभा की सदस्यता समाप्त होना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।
विधानसभा अध्यक्ष को मामले में लागू संवैधानिक प्रावधानों, प्रस्तुत साक्ष्यों और संबंधित तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना होगा। इसलिए फिलहाल अनंत सिंह की विधायकी समाप्त होने की पुष्टि नहीं की जा सकती।
बिहार की राजनीति में आगे क्या होगा?
अनंत सिंह की सदस्यता को लेकर जेडीयू की पहल के बाद मोकामा की राजनीति में इस मामले पर नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि विधानसभा अध्यक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों और वीडियो की समीक्षा के बाद क्या कदम उठाते हैं और इस प्रकरण में आगे कौन-सा संवैधानिक मोड़ आता है।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि जेडीयू ने अनंत सिंह की विधायकी समाप्त करने की मांग को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया है, लेकिन उनकी विधानसभा सदस्यता पर अंतिम फैसला होना अभी बाकी है।







