डेस्क : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर बिहार की राजनीति में विवाद बढ़ गया है। पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान खरगे की टिप्पणी के बाद बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई है। इसी मामले में बीजेपी कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने पटना के कोतवाली थाने पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी और खरगे के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की। शिकायतकर्ता ने कांग्रेस अध्यक्ष से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की भी मांग की है।
पटना में किस बयान पर मचा बवाल?
यह पूरा विवाद बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर अपनी बात रख रहे थे।
इसी दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता से नहीं जाने की बात कही। इसके जवाब में खरगे ने टिप्पणी की, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर हंगामा हुआ और राजनीतिक विवाद गहरा गया।
बीजेपी कार्यकर्ता ने पुलिस को दिया आवेदन
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बीजेपी की बिहार राज्य कार्यसमिति के सदस्य कृष्ण कुमार सिंह ने रविवार शाम पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने खरगे के बयान पर आपत्ति जताते हुए मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, घटना गांधी मैदान थाना क्षेत्र की है। इस कारण शिकायत को संबंधित थाने में स्थानांतरित किए जाने की बात कही गई है। फिलहाल शिकायत दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस के निर्णय और जांच पर निर्भर करेगी।
24 घंटे में माफी की मांग
शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से अपने बयान के लिए 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की है। बीजेपी नेताओं ने भी इस टिप्पणी की आलोचना करते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा है।
बीजेपी ने इस मुद्दे पर सोमवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा भी की है। पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं है।
कांग्रेस ने क्या सफाई दी?
दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने खरगे का बचाव करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी का संदर्भ प्रधानमंत्री के वैचारिक मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से था। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान खरगे के खिलाफ की गई कथित अभद्रता पर भी सवाल उठाए।
इस तरह बयान को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। अब सबकी नजर पुलिस की कार्रवाई और इस मामले में दोनों पक्षों की अगली प्रतिक्रिया पर है।







