पटना : बिहार की सियासत में मोकामा विधायक अनंत सिंह पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) की कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटनाक्रम को लेकर सत्तारूढ़ पक्ष पर निशाना साधा है। अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद राजद ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
अनंत सिंह पर कार्रवाई के बाद तेजस्वी का निशाना
अनंत सिंह और नीलम देवी के खिलाफ जेडीयू की कार्रवाई बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। पार्टी ने दोनों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए निष्कासन का फैसला लिया। यह कार्रवाई बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ अनंत सिंह के समर्थन और उनके बयानों के बाद हुई।
इस घटनाक्रम पर राजद ने दावा किया कि तेजस्वी यादव पहले ही ऐसे नेताओं के राजनीतिक भविष्य को लेकर चेतावनी दे चुके थे। पार्टी ने अपने बयान में पुराने राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि समय के साथ उसके दावे सही साबित हो रहे हैं।
‘10 नंबरी मुख्यमंत्री’ कहकर साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने बिहार की सरकार पर हमला बोलते हुए चुनावी प्रक्रिया और सत्ता पक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाए। बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान उन्होंने कथित फर्जी मतदाताओं, वोटों में हेरफेर और प्रशासन के दुरुपयोग को लेकर आरोप लगाए थे।
तेजस्वी ने सरकार को घेरते हुए ‘दो नंबरी सरकार’ और ‘10 नंबरी मुख्यमंत्री’ जैसे तीखे राजनीतिक शब्दों का इस्तेमाल किया। हालांकि, चुनाव में धांधली और फर्जी मतदाताओं से जुड़े उनके आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
क्या जेडीयू में बढ़ गई है अंदरूनी कलह?
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह मैदान में थे। अनंत सिंह ने अनुज सिंह का समर्थन किया था, जबकि जेडीयू ने नीरज कुमार को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया था। इस वजह से चुनाव के दौरान पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आए।
जेडीयू की ओर से निष्कासन की कार्रवाई के बाद अनंत सिंह ने भी पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने जेडीयू के भविष्य को लेकर नकारात्मक टिप्पणी की और अपनी अलग पार्टी बनाने की बात कही।
बिहार की राजनीति में आगे क्या होगा?
अनंत सिंह पर कार्रवाई और तेजस्वी यादव के हमलों ने बिहार में सियासी बहस को और तेज कर दिया है। एक ओर जेडीयू ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के जरिए अपना रुख स्पष्ट किया है, वहीं राजद इस घटनाक्रम को सत्ता पक्ष की अंदरूनी खींचतान से जोड़कर देख रहा है।
अब यह देखना अहम होगा कि अनंत सिंह आगे क्या राजनीतिक कदम उठाते हैं और इस पूरे घटनाक्रम का जेडीयू तथा बिहार के राजनीतिक समीकरणों पर कितना असर पड़ता है।







