पटना : महापर्व 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पटना नगर निगम ने गंगा घाटों पर इंतजाम शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में सोमवार को नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने अधिकारियों और अभियंताओं की टीम के साथ 52 गंगा घाटों का निरीक्षण किया। पथरी घाट से दीदारगंज बालू घाट तक हुए इस निरीक्षण के दौरान घाटों की स्थिति, गंगा का जलस्तर, बैरिकेडिंग और पहुंच पथ का जायजा लिया गया। नगर आयुक्त ने सभी जरूरी काम छठ महापर्व से पहले पूरा करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान नरकट घाट, लोहरवा घाट, हनुमान घाट, जजेज घाट और कंटाही घाट समेत कई घाटों पर पिछले दो दिनों में गंगा का जलस्तर बढ़ने की बात सामने आई। इसे देखते हुए नगर आयुक्त ने अधिकारियों को लगातार जलस्तर की निगरानी करने का निर्देश दिया। साथ ही नहाय-खाय से पहले सभी संवेदनशील और दुर्घटना संभावित स्थानों पर लाल कपड़े से घेराबंदी करने को कहा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए इस बार घाटों पर बांस-बल्ले से डबल लेयरिंग और क्रॉस बैरिकेडिंग की जाएगी। बैरिकेडिंग में नेट भी लगाया जाएगा, ताकि व्रती और श्रद्धालु गहरे पानी की ओर न जा सकें।
वहीं, अजीमाबाद अंचल के टेढ़ी घाट पर दलदली जमीन होने के कारण छठ घाट का स्थान बदलने का फैसला लिया गया है। अब इस घाट को पहले से चिह्नित स्थान से एक पिलर आगे शिफ्ट किया जाएगा। नगर आयुक्त ने टेढ़ी घाट, महाराज घाट और केशव घाट के पहुंच पथ को निर्माणाधीन सड़क से जोड़ने का भी निर्देश दिया है।
गाय घाट पर महात्मा गांधी सेतु के समानांतर पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं को पर्याप्त जगह मिल सके, इसके लिए नगर आयुक्त ने निर्माण एजेंसी को घाट क्षेत्र से सभी मशीनें और निर्माण उपकरण हटाने का निर्देश दिया है। छठ के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान कई कच्चे घाटों पर मिट्टी के कटाव से गड्ढे और पहुंच पथ पर गाद जमा होने की समस्या भी सामने आई। नगर आयुक्त ने घाटों पर सीढ़ियां बनाने, गड्ढों की मरम्मत करने और रास्तों को सुगम बनाने का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा। वहीं, पक्के घाटों पर सफाई और रंग-रोगन का काम भी शुरू कर दिया गया है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सभी घाटों पर प्रवेश और निकासी के अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे। खासकर कच्चे घाटों पर इस व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है, ताकि छठ के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ एक ही जगह जमा न हो।
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि छठ महापर्व से पहले सभी घाटों पर सफाई, सुरक्षा, रोशनी, बैरिकेडिंग और आवागमन से जुड़ी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि व्रतियों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
