बेगूसराय : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बेगूसराय में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक दारोगा को 29 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दारोगा एक मामले में आरोपी का नाम हटाने के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अमित कुमार साहेबपुर कमाल पश्चिम पंचायत के वार्ड संख्या-8 के निवासी हैं। उन्होंने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी कि सब इंस्पेक्टर चंदन झा उनसे केस से नाम हटाने के बदले पैसे मांग रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पहले मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने से संबंधित आरोप सही पाए जाने के बाद गिरफ्तारी की योजना बनाई गई।
क्या है पूरा मामला?
बताया जाता है कि अमित कुमार के नाम पर पहले एक चारपहिया वाहन दर्ज था, जिसे उन्होंने बेच दिया था। बाद में वही वाहन शराब तस्करी से जुड़े एक मामले में पुलिस ने जब्त कर लिया। इसी मामले में अमित कुमार का नाम हटाने के लिए साहेबपुर कमाल थाने में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर चंदन झा पर कथित तौर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा।
शिकायत की पुष्टि होने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाया और कार्रवाई करते हुए दारोगा को 29 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी थाना में दर्ज हुआ मामला
गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी दारोगा के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया में जुट गई। इस मामले में निगरानी थाना कांड संख्या 127/2026 दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई में अनुसंधानकर्ता इंस्पेक्टर विनोद कुमार, डीएसपी मोहन कुमार सहित निगरानी विभाग के अन्य अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल थे।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई को सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत देखा जा रहा है।
