जमुई : शराब तस्करी के लिए तस्कर किस तरह नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं, इसका चौंकाने वाला खुलासा सोनो थाना क्षेत्र के डुमरी चेकपोस्ट पर हुआ है। तस्करों ने पुलिस और उत्पाद विभाग की नजरों से बचने के लिए पानी की टंकियों को ही शराब छिपाने का जरिया बना लिया था। उत्पाद विभाग की टीम ने वाहन जांच के दौरान महिंद्रा बोलेरो पिकअप से 589.5 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ तस्करी में इस्तेमाल वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।
उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार ने बताया कि शराब तस्कर विभाग और पुलिस की निगरानी से बचने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। कभी डीजल-पेट्रोल की टंकियों में, कभी शौचालय की सफाई वाली टंकियों में, तो कभी सब्जियों और अन्य सामानों की आड़ में शराब की तस्करी की जाती है। इस बार तस्करों ने पानी की टंकियों का इस्तेमाल कर शराब की खेप छिपाई थी।
खाली टंकियों के बीच छिपाई शराब की खेप
तस्करों ने महिंद्रा बोलेरो पिकअप पर शराब से भरी पानी की टंकियां लोड की थीं। इनके ऊपर कुछ खाली टंकियां भी रख दी गई थीं, ताकि पहली नजर में वाहन सामान्य मालवाहक गाड़ी दिखाई दे और किसी को शक न हो। हालांकि, डुमरी चेकपोस्ट पर उत्पाद विभाग की सघन जांच के दौरान उनकी चालाकी काम नहीं आई। जांच में टंकियों के अंदर छिपाकर रखी गई शराब की बड़ी खेप बरामद कर ली गई।
दो बार सफल रहे, तीसरी बार चढ़े पुलिस के हत्थे
उत्पाद अधीक्षक के अनुसार, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे इससे पहले भी दो बार इसी तरीके से झारखंड से शराब लेकर खगड़िया पहुंचा चुके थे। दोनों बार उनकी तस्करी सफल रही थी। तीसरी बार भी वे उसी रास्ते और तरीके से शराब की खेप लेकर जा रहे थे, लेकिन इस बार उत्पाद विभाग की टीम ने उनकी योजना नाकाम कर दी।
996 बोतलों में मिली 589.5 लीटर शराब
बरामद शराब में ब्लैक टाइगर और ओल्ड हैबिट ब्रांड की व्हिस्की शामिल है। कुल 996 बोतलों में 589.5 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है। तस्करी में इस्तेमाल पिकअप वाहन का पंजीकरण नंबर जेएच-12पी-0104 है।
झारखंड के कोडरमा के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान झारखंड के कोडरमा जिले के नवलशाही थाना क्षेत्र अंतर्गत बछेडीह गांव निवासी रंजीव कुमार दास और विश्वेश्वर सिंह के रूप में हुई है। दोनों से उत्पाद थाने में पूछताछ की जा रही है।
उत्पाद विभाग अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटा है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।







