पटना : बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने गाद प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि NHAI के साथ गाद प्रबंधन को लेकर हुआ समझौता बिहार के लिए महत्वपूर्ण कदम है। गाद की समस्या लंबे समय से बिहार की नदियों के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है और इसे दूर करने की मांग काफी पहले से उठाई जाती रही है।
विजय चौधरी ने कहा कि वर्ष 2011-12 में जब राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (NGRBA) की बैठक हुई थी, उस वक्त तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गाद की समस्या को गंभीर मुद्दे के रूप में चिह्नित किया था। गाद जमा होने के कारण नदियां प्रभावित हो रही हैं और धीरे-धीरे उनका अस्तित्व संकट में पड़ रहा है। कई जगहों पर गाद के कारण नदी की धारा किनारे की तरफ मुड़ जाती है, जिससे कटाव और दूसरी समस्याएं पैदा होती हैं।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि गाद हटाने की मांग सबसे पहले वर्ष 2012 में यूपीए सरकार के सामने रखी गई थी। इसके बाद एनडीए सरकार के समय भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। केंद्र सरकार को फरक्का बराज के कारण होने वाली समस्याओं से भी अवगत कराया गया था।
उन्होंने कहा कि सरकार ने गाद प्रबंधन नीति बनाई है, जिसमें निर्धारित शर्तों के तहत गाद निकालने की प्रक्रिया तय की गई है। इसके लिए अलग-अलग दरें भी निर्धारित की गई हैं। विजय चौधरी के मुताबिक, मिट्टी भराई के लिए गाद काफी उपयोगी होती है और इसका बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।
वहीं, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि जेडीयू कई सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। चुनाव की तारीख नजदीक आने पर यह फैसला लिया जाएगा कि पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए विजय चौधरी ने कहा कि विपक्ष हताशा और निराशा में है और लोकतंत्र पर प्रहार कर रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता का बचाव करते हुए कहा कि बिहार में SIR के दौरान भी विपक्ष ने गलत तरीके से नाम काटे जाने का आरोप लगाया था, लेकिन सदन में चुनौती देने के बावजूद आज तक विपक्ष एक भी ऐसा नाम नहीं बता पाया। उन्होंने कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया की विश्वभर में पहचान है और दूसरे देशों के लोग भी इसे समझने के लिए यहां आते हैं।







