- पटना नगर निगम ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए संभाली कमान, 35 संवेदनशील घाटों एवं तालाबों पर विशेष निगरानी; कंट्रोल रूम से होगी लाइव मॉनिटरिंग
पटना : लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा-2026 को लेकर पटना नगर निगम ने सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों को तकनीक से जोड़ दिया है। गंगा घाटों से लेकर शहर के प्रमुख तालाबों तक श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से नजर रखी जा रही है। वहीं, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और माइकिंग के जरिए छठ व्रतियों एवं श्रद्धालुओं को स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है।
पटना नगर निगम के अनुसार, भीड़भाड़ वाले और अति संवेदनशील 35 घाटों एवं तालाब परिसरों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जुड़े कुल 187 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों से मिलने वाली लाइव तस्वीरों के जरिए घाटों की तैयारियों, श्रद्धालुओं की आवाजाही और भीड़ के दबाव पर नजर रखी जा रही है।
भीड़ प्रबंधन के लिए तकनीक का इस्तेमाल
इस वर्ष गंगा नदी में बाढ़ के दौरान जलस्तर काफी अधिक रहा था। अभी भी कई घाटों पर पानी का स्तर सामान्य से ऊपर है। ऐसे में छठ महापर्व के दौरान संभावित भीड़ और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन ने पहले से निगरानी शुरू कर दी है।
सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त वीडियो फीड का विश्लेषण कर भीड़ के जमाव, लोगों की आवाजाही और संवेदनशील स्थानों पर बढ़ते दबाव की पहचान की जा रही है। इससे किसी भी घाट पर भीड़ बढ़ने या अव्यवस्था की आशंका होने पर संबंधित प्रशासनिक एवं सुरक्षा टीमों को समय रहते सतर्क किया जा सकेगा।
कैमरों के माध्यम से घाटों के प्रवेश और निकास मार्गों, बैरिकेडिंग, सीढ़ियों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी की जा रही है। जूम और रोटेशन की सुविधा वाले कैमरों से जरूरत पड़ने पर किसी विशेष स्थान पर भी नजर केंद्रित की जा रही है।
कंट्रोल रूम से तैयारियों की लाइव मॉनिटरिंग
छठ पूजा को लेकर गंगा घाटों और तालाबों पर सीढ़ियों के निर्माण, सुरक्षा बैरिकेडिंग, रंग-रोगन, प्रकाश व्यवस्था, चेंजिंग रूम, लाइट टावर और शौचालय सहित विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। इन सभी तैयारियों की निगरानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और पटना नगर निगम मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही है।
कंट्रोल रूम से प्रतिदिन विभिन्न घाटों और तालाबों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। कहीं सफाई, प्रकाश व्यवस्था या बैरिकेडिंग में कमी दिखाई देने पर संबंधित अधिकारियों और फील्ड टीमों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं।
इस व्यवस्था से छठ पर्व से पहले तैयारियों की प्रगति पर नजर रखने के साथ पर्व के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।
एनआईटी घाट पर बनेगा विशेष लाइव व्यूइंग सेंटर
छठ के दिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से एनआईटी घाट पर विशेष लाइव व्यूइंग सेंटर भी तैयार किया जाएगा। यहां पुलिस और प्रशासन की टीमें विभिन्न घाटों एवं प्रमुख स्थानों की सीसीटीवी फीड के माध्यम से निगरानी करेंगी।
इससे कंट्रोल रूम और घाटों पर तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। किसी स्थान पर भीड़ का दबाव बढ़ने या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर लाइव तस्वीरों के आधार पर तत्काल स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
16 पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम से मिलेगा स्वच्छता का संदेश
सुरक्षा व्यवस्था के साथ गंगा की स्वच्छता और घाटों पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पटना नगर निगम की ओर से माइकिंग के जरिए श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे पूजन सामग्री, फूल-माला, प्लास्टिक और अन्य कचरा गंगा नदी में प्रवाहित न करें। इसके लिए निर्धारित स्थानों पर ही कचरे का निस्तारण करने को कहा जा रहा है।
इसके अतिरिक्त घाटों पर 16 पब्लिक अनाउंसमेंट (पीए) सिस्टम लगाए गए हैं। इनके माध्यम से जागरूकता संबंधी जिंगल और सार्वजनिक संदेश लगातार प्रसारित किए जा रहे हैं। इन संदेशों में श्रद्धालुओं को स्वच्छता बनाए रखने, गंगा को प्रदूषित नहीं करने और प्रशासन की ओर से निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
इन अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए जरूरी सूचनाएं और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश भी लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।
तकनीक और जनभागीदारी से सुरक्षित छठ की तैयारी
पटना नगर निगम छठ महापर्व की तैयारियों में आधुनिक तकनीक, प्रशासनिक समन्वय और जनभागीदारी को एक साथ जोड़कर काम कर रहा है। 187 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और 16 पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
नगर निगम का उद्देश्य छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के लोक आस्था के इस महापर्व को संपन्न कर सकें।







