पटना : बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब आर्थिक तंगी के कारण किसी छात्र का डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना अधूरा नहीं रहेगा। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से विद्यार्थियों को JEE और NEET की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। खास बात यह है कि इस योजना के तहत विद्यार्थियों को मुफ्त पढ़ाई के साथ रहने, खाने और आर्थिक सहायता का भी लाभ मिलेगा।
बिहार बोर्ड की इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर देना है।
JEE-NEET की तैयारी के लिए मिलेगी मुफ्त कोचिंग
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से Physics, Chemistry, Mathematics और Biology की पढ़ाई कराई जाएगी।
इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न के अनुसार पढ़ाई, स्टडी मटेरियल, नियमित टेस्ट और डाउट क्लियर करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बोर्ड का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी निजी कोचिंग संस्थानों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।
रहने और खाने की भी मिलेगी मुफ्त सुविधा
इस योजना की सबसे खास बात इसका आवासीय शिक्षण कार्यक्रम है। पटना में संचालित आवासीय कोचिंग कार्यक्रम में चयनित विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग के साथ रहने और भोजन की सुविधा भी दी जाती है।
इससे दूसरे जिलों के विद्यार्थियों को भी पटना में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का अवसर मिलता है। खासकर उन परिवारों के बच्चों को इससे बड़ी राहत मिलेगी, जो महंगी कोचिंग और हॉस्टल का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं।
हर महीने मिलेंगे 1,000 रुपये
बिहार बोर्ड की गैर-आवासीय कोचिंग व्यवस्था के तहत चयनित विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाती है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को दो वर्षों तक हर महीने 1,000 रुपये की छात्रवृत्ति यानी कुल 24,000 रुपये दिए जाने का प्रावधान है।
यह सुविधा विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई से जुड़े छोटे-मोटे खर्चों को पूरा करने में मदद करेगी। हालांकि, छात्रवृत्ति और आवासीय सुविधाओं की पात्रता संबंधित कार्यक्रम के नियमों के अनुसार होगी।
बिहार के इन 9 प्रमंडलीय जिलों में है कोचिंग की सुविधा
बिहार बोर्ड की गैर-आवासीय कोचिंग व्यवस्था राज्य के नौ प्रमंडलीय मुख्यालयों में संचालित की जा रही है। इनमें शामिल हैं:
1. पटना
2. मुजफ्फरपुर
3. छपरा
4. दरभंगा
5. सहरसा
6. पूर्णिया
7. भागलपुर
8. गया
9. मुंगेर
इन केंद्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का अवसर मिलता है।
155 मॉडल स्कूलों तक बढ़ाई गई मुफ्त कोचिंग की सुविधा
बिहार बोर्ड ने JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग व्यवस्था का विस्तार भी किया है। अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 155 मॉडल प्लस-टू विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था शुरू की गई है।
इनमें पटना के 10 चयनित विद्यालयों में ऑफलाइन कक्षाएं और अन्य 145 विद्यालयों में ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 700 मॉडल स्कूलों के विद्यार्थियों को डिजिटल लर्निंग की सुविधा से जोड़ने की पहल की गई है।
कैसे मिलेगा योजना का लाभ?
JEE और NEET की मुफ्त कोचिंग का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से जारी आवेदन प्रक्रिया और पात्रता संबंधी शर्तों का पालन करना होगा। आवासीय और गैर-आवासीय कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग व्यवस्था है।
विद्यार्थियों को आवेदन, चयन परीक्षा, सीटों की उपलब्धता और अन्य जरूरी जानकारी के लिए बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट तथा कोचिंग पोर्टल पर जारी सूचनाओं को देखना चाहिए।
कुल मिलाकर, बिहार बोर्ड की यह पहल उन विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत है, जो डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण महंगी कोचिंग नहीं कर पाते। मुफ्त शिक्षा, भोजन, आवास और छात्रवृत्ति जैसी सुविधाओं से बिहार के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिल सकता है।






