वैशाली: बिहार के वैशाली जिले में सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। सड़क की चौड़ाई में कथित अनियमितता और बीच सड़क पर बिजली के पोल लगाए जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हुए हंगामा किया और संबंधित अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।
बिदुपुर प्रखंड की अमेर पंचायत में चल रहा निर्माण कार्य
मामला वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखंड अंतर्गत अमेर पंचायत का है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की चौड़ाई कई जगहों पर घटकर महज 7 से 8 फीट रह गई है। कुछ स्थानों पर इससे भी कम चौड़ाई में सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे सड़क पर वाहनों के आवागमन में परेशानी होगी और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
बीच सड़क पर बिजली के पोल, बिना हटाए कर दी गई ढलाई
ग्रामीणों की सबसे बड़ी आपत्ति सड़क के बीचों-बीच मौजूद बिजली के पोल को लेकर है। आरोप है कि बिजली के पोल को हटाए या दूसरी जगह स्थानांतरित किए बिना ही उसके चारों तरफ सड़क की ढलाई कर दी गई। इससे भविष्य में बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है।
इसके अलावा ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई जगह पुरानी सड़क को उखाड़े बिना और कुछ स्थानों पर सीधे मिट्टी के ऊपर ही नई सड़क की ढलाई कर दी गई। ग्रामीणों के मुताबिक, निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क में दरारें भी दिखाई देने लगी हैं।
डेढ़ महीने से निर्माण कार्य, लेकिन नहीं लगा प्राक्कलन बोर्ड
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले करीब डेढ़ महीने से सड़क निर्माण का काम चल रहा है, लेकिन अब तक निर्माण स्थल पर प्राक्कलन बोर्ड नहीं लगाया गया है। ऐसे में लोगों को यह जानकारी नहीं मिल पा रही है कि निर्माण किस योजना के तहत हो रहा है, इसकी लागत कितनी है और निर्माण एजेंसी कौन है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कराई जाए और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही काम पूरा कराया जाए।
निर्माण कंपनी ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी मधुकर सिंह ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने सड़क की गुणवत्ता को बेहतर बताते हुए कहा कि उनकी कंपनी गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करती है।
बिजली के पोल को लेकर उन्होंने बताया कि दीपावली के त्योहार के कारण बिजली विभाग की ओर से शटडाउन नहीं मिल पाया था। इस वजह से पोल को समय पर हटाया नहीं जा सका। उन्होंने आश्वासन दिया कि दीपावली के तुरंत बाद बिजली के पोल को हटाकर सड़क के किनारे कर दिया जाएगा।
42 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 16 किलोमीटर लंबी सड़क
जानकारी के मुताबिक, यह सड़क आरसीडी (RCD) पथ योजना के तहत तेरसिया से बिदुपुर के बीच बनाई जा रही है। परियोजना के तहत लगभग 16 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण होना है, जिस पर करीब 42 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
फिलहाल सड़क निर्माण की गुणवत्ता, चौड़ाई और बिजली के पोल को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग ग्रामीणों की शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है और निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा कराया जाता है या नहीं।
