भारत और कतर के बीच 15 अगस्त से शुरू हुई पोस्टल रेमिटेंस सेवा
नई दिल्ली, 17 अगस्त : कतर में रहने वाले भारतीय अब डाकघरों के माध्यम से भारत में यूपीआई से जुड़े बैंक खातों में सीधे पैसे भेज सकेंगे। कतर-भारत धन प्रेषण (पोस्टल रेमिटेंस) सेवा 15 अगस्त से शुरू हो गई है। यह सुविधा डाक विभाग और कतर डाक समेत अन्य संबंधित संस्थाओं के सहयोग से शुरू की गई है।
केंद्रीय संचार मंत्रालय ने बताया कि इस सेवा के तहत कतर में ग्राहक कतर डाक के डाकघर जाकर भारत में किसी व्यक्ति की यूपीआई आईडी के जरिए पैसे भेज सकेंगे। इसके लिए उन्हें प्राप्तकर्ता की यूपीआई आईडी के साथ जरूरी पहचान संबंधी जानकारी देनी होगी। भारत में पैसे प्राप्त करने वाले व्यक्ति को अपने यूपीआई ऐप में विदेश से धन प्राप्त करने की सुविधा सक्रिय करनी होगी। इसके बाद भेजी गई राशि सीधे उसके यूपीआई से जुड़े बैंक खाते में जमा हो जाएगी।
एक लेनदेन में न्यूनतम 10 कतर रियाल और अधिकतम 4,000 कतर रियाल भेजे जा सकेंगे। हालांकि, एक लेनदेन की अधिकतम भारतीय मुद्रा में सीमा एक लाख रुपये के बराबर होगी। प्रत्येक लेनदेन पर 15 कतर रियाल का सेवा शुल्क लिया जाएगा।
यह सेवा कतर में बड़ी संख्या में रह रहे भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके जरिए वे डाक नेटवर्क की मदद से भारत में अपने परिवारों को आसानी से और सुरक्षित तरीके से पैसे भेज सकेंगे। इस पहल में डाक नेटवर्क की पहुंच को भारत की यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जोड़ा गया है।
यह सेवा कतर डाक, भारतीय डाक विभाग, विश्व डाक संघ के इंटरकनेक्शन प्लेटफॉर्म और एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड के सहयोग से विकसित की गई है। इसका उद्देश्य विदेशों से भारत में धन भेजने की प्रक्रिया को आसान और अधिक सुविधाजनक बनाना है।
सेवा की शुरुआत भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को की गई। इस मौके पर कतर में भारतीय दूतावास के प्रभारी राजदूत संदीप कुमार ने दोहा स्थित लुलु मॉल के कतर डाक केंद्र का दौरा किया और इस सेवा से जुड़े अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत की।
डाक विभाग अन्य देशों के डाक संचालकों के साथ भी इसी तरह की धन प्रेषण सेवाएं शुरू करने की दिशा में काम कर रहा है। इससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों के लिए भारत में धन भेजने के और रास्ते खुलने की उम्मीद है।







