भुवनेश्वर, 17 अगस्त : ओडिशा के कई हिस्सों में सोमवार को बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही। बैतरणी, जलका और सालंदी समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर या उसके करीब बह रही हैं। इससे भद्रक, बालेश्वर, जाजपुर, क्योंझर और केंद्रापड़ा जिलों के कई गांव, कृषि भूमि और सड़कें जलमग्न हो गई हैं।
बालेश्वर जिले में सुवर्णरेखा नदी सुबह करीब 4 बजे स्थिर होने के बाद 6 बजे से फिर बढ़ने लगी। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन बाढ़ का पानी कई गांवों को घेर चुका है। सड़कें, रिहायशी इलाके और सैक़डों हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हैं। कई स्थानों पर आवागमन के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है। बालियापाल ब्लॉक की आठ पंचायतों के 30 से अधिक गांव अब भी पानी में घिरे हुए हैं।
जलका नदी मथानी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां खतरे का स्तर 5.50 मीटर है, जबकि सुबह 6 बजे नदी का जलस्तर 6.52 मीटर दर्ज किया गया। नदी के बढ़ते जलस्तर से बस्ता ब्लॉक की 10 और बालेश्वर सदर ब्लॉक की दो पंचायतों के 100 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं।
बुढाबलंग नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है और यह चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई है। इससे एक दिन पहले बालेश्वर की तीनों प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही थीं।
भद्रक जिले में सालंदी नदी राजघाट पर खतरे के निशान को पार कर गई। यहां खतरे का स्तर 17 फीट है, जबकि सुबह 6 बजे जलस्तर 17.70 फीट दर्ज किया गया। निचले इलाकों में पानी भर गया है। राजमुकुंदपुर और मातागजपुर पुलों के ऊपर करीब चार फीट पानी बहने से सड़क संपर्क बाधित हो गया है।
अखुआपदा के पास बैतरणी और सालंदी दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे भंडारीपोखरी और धामनगर ब्लॉक के कई इलाके प्रभावित हुए हैं। सड़कों पर पानी भरने के कारण प्रसिद्ध अखंडलमणि पीठ का सड़क संपर्क भी कट गया है। श्रावण सोमवार होने के कारण मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
भारी बारिश के बाद क्योंझर जिले के पाटना में बैतरणी नदी खतरे के निशान से ऊपर चली गई। नदी का जलस्तर 311.10 मीटर के खतरे के निशान के मुकाबले 311.22 मीटर दर्ज किया गया। इससे निचले इलाकों में पानी भर गया और स्थानीय सड़कों पर जलजमाव हो गया। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।







