अररिया 17 अगस्त: फारबिसगंज के तिरसकुंड पंचायत के प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में माउंटेन मैन दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर स्कूली बच्चों ने सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानाध्यापक कुमार राजीव रंजन ने कहा कि बिहार के माउंटेन मैन के नाम से प्रसिद्ध दशरथ मांझी की पुण्यतिथि हर साल 17 अगस्त को मनाई जाती है। निधन 17 अगस्त 2007 को नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में हुआ था।
उन्होंने गया जिले के गहलौर की पहाड़ियों को अकेले 22 वर्षों तक लगातार छेनी और हथौड़े से काटकर रास्ता बनाया था। उनका जन्म 14 जनवरी 1934 में गया के गहलौर गांव में हुआ था।वर्ष 1959 में पहाड़ पार कर समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण उनकी पत्नी फाल्गुनी देवी का निधन हो गया था। इसलिए पत्नी की मृत्यु के बाद उन्होंने संकल्प लिया और अकेले ही 1960 से 1982 के बीच 22 साल तक मेहनत कर पहाड़ के बीचों-बीच 110 मीटर लंबा और 9 फीट चौड़ा रास्ता तैयार किया। उनके अदम्य साहस को देखते हुए बिहार सरकार ने उन्हें राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी और उनके द्वारा बनाए गए रास्ते का नाम दशरथ मांझी पथ रखा। उनके जीवन पर मांझी – द माउंटेन मैन नाम से प्रसिद्ध फिल्म भी बन चुकी है। उनके जीवन से हमलोगों को प्रेरणा लेना चाहिए कि दुनिया में कोई भी असंभव नहीं है।
कार्यक्रम को प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। साथ ही साथ द माउंटेन मैन फिल्म को बच्चों को दिखलाया गया।







