सुपौल, 19 अगस्त : पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. जगन्नाथ मिश्र की पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सुपौल जिले के बलुआ बाजार पहुंचे। यहां आयोजित समारोह में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर बलुआ बाजार में लोगों में खासा उत्साह रहा और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग कार्यक्रम स्थल पर जुटे। प्रतिमा अनावरण के बाद मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन कोसी-मेची अंतरराज्यीय लिंक परियोजना के कार्यस्थल का निरीक्षण किया।
उन्होंने परियोजना की प्रगति और अब तक हुए कार्यों की जानकारी अधिकारियों से ली। इसके बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर परियोजना से संबंधित आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं। जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस के अलावा त्रिवेणीगंज एवं वीरपुर के अनुमंडल पदाधिकारी विनय कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लेते रहे। जिलाधिकारी ने पिछले कई दिनों में बलुआ पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की थी।
मुख्यमंत्री के बलुआ बाजार पहुंचने के दौरान स्थानीय लोगों ने क्षेत्र को प्रखंड का दर्जा देने की मांग भी उठाई। लोगों ने कहा कि बलुआ को प्रखंड बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखे जाने के बाद स्थानीय लोगों को सरकार से इस दिशा में सकारात्मक पहल की उम्मीद जगी है। डॉ. जगन्नाथ मिश्र का जन्म 24 जून 1937 को सुपौल जिले के बलुआ बाजार में हुआ था।
उन्होंने अर्थशास्त्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के साथ पीएचडी की। इसके बाद बिहार विश्वविद्यालय के एलएस कॉलेज में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। छात्र जीवन से ही कांग्रेस से जुड़े डॉ. मिश्र बाद में सक्रिय राजनीति में आए। डॉ. जगन्नाथ मिश्र तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। उनका पहला कार्यकाल 1975 से 1977, दूसरा 1980 से 1983 तथा तीसरा 1989 से 1990 तक रहा। केंद्र सरकार में भी उन्होंने ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। लंबी बीमारी के बाद 19 अगस्त 2019 को नई दिल्ली में उनका निधन हो गया था। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर बलुआ बाजार में प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र के लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। प्रतिमा अनावरण और निरीक्षण के मुख्यमंत्री के बाद वे पटना के लिए रवाना हो गए।







