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नेतन्याहू के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा, तुर्किए की इंटरपोल रेड नोटिस जारी करने की मांग

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अंकारा, 22 अगस्त : तुर्किए ने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी करने की मांग की है। अंकारा का आरोप है कि नेतन्याहू गाजा में कथित नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए जिम्मेदार हैं। यह कदम तुर्किए और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच सामने आया है।

रूस की अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविजन नेटवर्क रशिया टुडे (आरटी)

के मुताबिक, तुर्किए के न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि नेतन्याहू उन 35 आरोपियों में हैं, जिन्हें एक्टिविस्टों द्वारा संचालित ‘ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ से जुड़े मामले में वांछित घोषित किया गया है। तुर्किए ने इस मामले में नरसंहार, मानवता के खिलाफ अपराध, यातना, अवैध रूप से स्वतंत्रता छीनने, परिवहन वाहन को हाईजैक करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोप लगाए हैं।

इंटरपोल रेड नोटिस सदस्य देशों की पुलिस से किसी वांछित व्यक्ति का पता लगाने और संबंधित देश के कानून के तहत उसे अस्थायी रूप से हिरासत में लेने का अनुरोध होता है। हालांकि, रेड नोटिस अपने आप में अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता।

गुरलेक ने कहा कि तुर्किए इस बात को स्वीकार नहीं करता कि गाजा में कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेही से बचाया जा सकता है। उन्होंने नेतन्याहू सरकार पर गाजा में नरसंहार की नीति अपनाने का आरोप लगाया।

इज़राइली नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में गाजा की ओर जाने वाले कई फ्लोटिला को रोका है। मई में करीब 50 नौकाओं पर सवार 400 से अधिक एक्टिविस्टों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। बाद में उन्हें ग्रीस भेज दिया गया। हिरासत में लिए गए एक्टिविस्टों ने इज़राइली हिरासत में दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे।

इज़राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि फ्लोटिला में शामिल सभी लोग सुरक्षित थे।

गाजा युद्ध को लेकर तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन लगातार नेतन्याहू की आलोचना करते रहे हैं। एर्दोगन ने कई बार नेतन्याहू की तुलना एडॉल्फ हिटलर से की है और इज़राइल पर फिलिस्तीनियों के खिलाफ नरसंहार का आरोप लगाया है।

वहीं, नेतन्याहू ने एर्दोगन को ‘यहूदी-विरोधी तानाशाह’ बताया है और तुर्किए पर कुर्दों के खिलाफ कार्रवाई के आरोप लगाए हैं।

तुर्किए और इज़राइल के बीच तनाव सीरिया को लेकर भी बढ़ा है। तुर्किए ने 18 अगस्त को सीरिया के अबू अल-दुहुर एयरबेस पर इज़राइल के हवाई हमले की निंदा की। हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं थी लेकिन हाल ही में तैयार किए गए रनवे को नुकसान पहुंचा था।

इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने इसके जवाब में एर्दोगन को सीरिया में तुर्किए की गतिविधियों को लेकर चेतावनी दी। हालांकि, सीरिया और तुर्किए ने इज़राइल के उस दावे को खारिज किया कि इलाके में तुर्किए सैनिकों की तैनाती की योजना थी।

अमेरिका के सीरिया और इराक मामलों के विशेष दूत टॉम बैराक ने भी इज़राइली हमले की आलोचना करते हुए इसे तनाव बढ़ाने वाला अनावश्यक कदम बताया।

नेतन्याहू के खिलाफ यह कदम ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई पहले से चल रही है। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) ने नवंबर, 2024 में गाजा में कथित युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों को लेकर नेतन्याहू और इज़राइल के तत्कालीन रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

वहीं, इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में दक्षिण अफ्रीका द्वारा इज़राइल के खिलाफ दायर नरसंहार मामले की सुनवाई भी चल रही है।

इज़राइल ने नेतन्याहू के खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। इज़राइल आईसीसी का सदस्य नहीं है, जबकि वह आईसीजे के नियमों के तहत आने वाले राज्यों में शामिल है। तुर्किए की रेड नोटिस की मांग के बाद अब इस मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी और कूटनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है।

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