पटना : बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों के बीच PT, Mains और नेगेटिव मार्किंग को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर परीक्षा के पैटर्न और चयन प्रक्रिया को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। अब बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से इन मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की गई है।
आयोग के अनुसार, TRE-4 में प्रारंभिक परीक्षा (PT) और मुख्य परीक्षा (Mains) की व्यवस्था सोच-समझकर लागू की गई है। यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि देश के कई राज्यों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पहले से ही दो चरणों में परीक्षा कराने की व्यवस्था लागू है। ऐसे में TRE-4 में PT और Mains का प्रावधान असामान्य नहीं है।
बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग में मदद करेगा PT
BPSC के मुताबिक, प्रारंभिक परीक्षा का मुख्य उद्देश्य बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग करना है। इसके बाद मुख्य परीक्षा के जरिए चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। आयोग का मानना है कि इससे बड़ी भर्ती परीक्षा को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
परीक्षा नियंत्रक ने यह भी कहा कि परीक्षा व्यवस्था तैयार करते समय देश में लागू अलग-अलग परीक्षा प्रणालियों और विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखा गया है।
NEET-UG विवाद के बाद बनी कमिटी का भी दिया गया उदाहरण
TRE-4 के दो चरणों में आयोजन को लेकर BPSC ने NEET-UG 2024 विवाद के बाद गठित राधाकृष्णन कमिटी का भी उदाहरण दिया। आयोग के अनुसार, परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर कमिटी ने कई सुझाव दिए थे। इन्हीं विभिन्न पहलुओं और परीक्षा संचालन से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए TRE-4 की प्रक्रिया तैयार की गई है।
आयोग का कहना है कि बड़ी संख्या में उम्मीदवारों वाली परीक्षाओं में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और बेहतर प्रबंधन के लिए मजबूत परीक्षा प्रणाली जरूरी है।
आर्थिक अपराध इकाई की सलाह का भी जिक्र
TRE-4 की परीक्षा व्यवस्था को लेकर आर्थिक अपराध इकाई की ओर से दिए गए सुझावों का भी BPSC ने उल्लेख किया है। आयोग के अनुसार, परीक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए दो चरणों वाली व्यवस्था अपनाने की सलाह पर भी विचार किया गया था।
इससे स्पष्ट है कि TRE-4 में PT और Mains को लेकर लिया गया फैसला कई स्तरों पर विचार के बाद किया गया है।
TRE-4 में नेगेटिव मार्किंग भी रहेगी
अभ्यर्थियों के लिए सबसे अहम जानकारी नेगेटिव मार्किंग को लेकर है। BPSC ने स्पष्ट किया है कि TRE-4 में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान रहेगा। आयोग के अनुसार, उसकी परीक्षाओं में पहले से ही गलत उत्तरों पर अंक कटने की व्यवस्था रही है और TRE-4 में भी इसे जारी रखा जाएगा।
नेगेटिव मार्किंग का उद्देश्य अभ्यर्थियों को बिना जानकारी के अनुमान के आधार पर उत्तर देने से रोकना है। गलत उत्तर पर अंक कटने के कारण उम्मीदवारों को प्रश्न हल करते समय अधिक सावधानी बरतनी होगी।
अब अभ्यर्थियों को बदलनी होगी तैयारी की रणनीति
TRE-4 में PT और Mains की व्यवस्था के बाद अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी दोनों चरणों को ध्यान में रखकर करनी होगी। प्रारंभिक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के साथ मुख्य परीक्षा के लिए भी मजबूत तैयारी जरूरी होगी।
वहीं नेगेटिव मार्किंग को देखते हुए अभ्यर्थियों को सिर्फ अधिक प्रश्न हल करने के बजाय सही उत्तर देने पर फोकस करना होगा। बिना पूरी जानकारी के तुक्का लगाना नुकसानदायक हो सकता है।
आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार
हालांकि, TRE-4 के विस्तृत परीक्षा पैटर्न, सिलेबस, विषयवार अंक, दोनों चरणों की पूरी प्रक्रिया और अन्य नियमों को लेकर अभ्यर्थियों की नजर अब BPSC के आधिकारिक नोटिफिकेशन पर है। विस्तृत अधिसूचना जारी होने के बाद परीक्षा व्यवस्था की पूरी तस्वीर और साफ होगी।
फिलहाल BPSC की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि TRE-4 में PT और Mains की व्यवस्था रहेगी और नेगेटिव मार्किंग भी लागू होगी। ऐसे में अभ्यर्थियों को सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बजाय आयोग की आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर अपनी तैयारी करनी चाहिए।
