पटना: BPSC परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन और रैंक को लेकर जारी विवाद के बीच परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार ने आयोग का पक्ष रखा है। रैंक-3 हासिल करने वाले अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिका पर उठ रहे सवालों को लेकर उन्होंने छात्रों के आरोपों को खारिज किया और कहा कि कॉपियों का मूल्यांकन निर्धारित नियमों के अनुसार किया गया है।
रैंक-3 की कॉपी पर उठे सवाल
दरअसल, BPSC परीक्षा में तीसरा रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिका को लेकर छात्र संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे थे। छात्रों के एक वर्ग ने कॉपियों की जांच में गड़बड़ी और मनमाने तरीके से अंक देने का आरोप लगाया। इस मुद्दे को लेकर पटना में छात्रों का प्रदर्शन भी जारी है।
परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार ने रैंक-3 की कॉपी को लेकर कहा कि जिस उत्तर पुस्तिका पर सवाल उठ रहे हैं, उसमें सातवें प्रश्न का उत्तर लिखा गया था, लेकिन उस प्रश्न के दो सब-पार्ट भी थे। अभ्यर्थी ने उन दोनों हिस्सों का उत्तर नहीं दिया था। इसलिए मूल्यांकन के दौरान उन हिस्सों के लिए अंक नहीं दिए गए।
‘सिर्फ पन्ने भरने से नहीं मिलते अंक’
परीक्षा नियंत्रक ने स्पष्ट किया कि मुख्य परीक्षा में केवल कॉपी के पन्ने भरने से अंक नहीं मिलते। परीक्षक यह देखते हैं कि अभ्यर्थी ने सवाल का कितना सटीक, तार्किक और विश्लेषणात्मक जवाब दिया है।
आयोग के अनुसार, किसी प्रश्न के जिस हिस्से का उत्तर नहीं दिया गया है, उसके लिए अंक देना संभव नहीं है। उत्तर की लंबाई से ज्यादा उसकी गुणवत्ता और विषय की समझ मायने रखती है।
छात्रों से कोर्ट जाने की सलाह
लगातार लगाए जा रहे आरोपों पर परीक्षा नियंत्रक ने आंदोलन कर रहे छात्रों को अदालत का रास्ता अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी अभ्यर्थी या छात्र संगठन को लगता है कि परीक्षा या मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई है तो ठोस साक्ष्यों के साथ न्यायालय का रुख किया जा सकता है।
आयोग का कहना है कि परीक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार की गई है।
‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’
इसी दौरान छात्रों के आरोपों के संदर्भ में परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार ने कहा, “हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार।”
परीक्षा नियंत्रक के इस बयान के सामने आने के बाद BPSC परीक्षा की कॉपियों और रैंक को लेकर चल रहा विवाद और गरमा गया है। अब छात्रों की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी नजर बनी हुई है।







