पटना: BPSC TRE-4 शिक्षक भर्ती समेत विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी 13 सूत्री मांगों को लेकर पटना में छात्रों का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी छात्र जेपी गोलंबर पहुंचे। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाकबंगला की ओर बढ़ने लगे।
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ CRPF के जवानों की भी तैनाती की गई है। छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव का भी ऐलान किया है।
13 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन
छात्र नेता अमन कुमार के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को 15 से अधिक छात्र संगठनों का समर्थन मिलने का दावा किया गया है। शिक्षकों के साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन किया है।
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में BPSC TRE-4 में PT और Mains की व्यवस्था, नेगेटिव मार्किंग हटाने और 100 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग शामिल है। छात्रों का कहना है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध नियुक्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए।
छात्रों की प्रमुख मांगें
1. BPSC 70वीं परीक्षा दोबारा आयोजित कराई जाए।
2. 1,799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा रद्द की जाए।
3. TRE-4 शिक्षक भर्ती को एक स्तरीय परीक्षा के रूप में आयोजित किया जाए।
4. BSSC की लंबित परीक्षाएं जल्द आयोजित हों।
5. BET परीक्षा की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
6. लाइब्रेरियन समेत अन्य लंबित सरकारी भर्तियां जल्द पूरी की जाएं।
7. परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र, उत्तर-कुंजी और OMR शीट उपलब्ध कराई जाए।
8. सभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए।
9. पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।
10. भर्ती परीक्षाओं में आयु सीमा को लेकर स्पष्ट नीति बनाई जाए।
11. डोमिसाइल नीति को लेकर स्पष्ट और प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए।
12. लंबित नियुक्तियों को जल्द पूरा किया जाए।
13. भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों का समयबद्ध समाधान किया जाए।
छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मंगलवार को जेपी गोलंबर से डाकबंगला की ओर छात्रों के बढ़ने के बाद प्रशासन की चुनौती और बढ़ गई है।







