पटना: बिहार में सड़क और पुलों के इस्तेमाल पर टोल वसूली की व्यवस्था को लेकर सरकार की तैयारी तेज हो गई है। राज्य के स्टेट हाईवे और प्रमुख पुलों पर टोल टैक्स लागू करने की दिशा में नई नीति तैयार की जा रही है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत शुरुआत में व्यावसायिक वाहनों से टोल वसूली को प्राथमिकता दी जा सकती है। हालांकि, आने वाले समय में निजी वाहनों को भी इस व्यवस्था के दायरे में लाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
स्टेट हाईवे और पुलों पर हो सकती है टोल वसूली
बिहार में कई महत्वपूर्ण स्टेट हाईवे और पुलों के निर्माण एवं रखरखाव पर सरकार लगातार बड़ी राशि खर्च कर रही है। इसी को देखते हुए सड़क और पुलों के इस्तेमाल के बदले टोल वसूली की व्यवस्था विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
इसका उद्देश्य सड़क एवं पुलों के रखरखाव के लिए नियमित राजस्व जुटाना और परिवहन ढांचे को बेहतर बनाए रखना है।
पहले व्यावसायिक वाहनों पर फोकस
प्रस्तावित नीति में शुरुआत में ट्रक, बस, मालवाहक वाहन और अन्य व्यावसायिक वाहनों से टोल वसूली किए जाने की संभावना है।
व्यावसायिक वाहनों को प्राथमिकता देने के पीछे यह तर्क है कि इनका सड़क और पुलों पर उपयोग अपेक्षाकृत अधिक होता है और भारी वाहनों से सड़क पर अधिक दबाव पड़ता है।
निजी वाहनों पर भी लग सकता है टोल
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भविष्य में निजी कार और अन्य निजी वाहनों को भी टोल व्यवस्था में शामिल किया जा सकता है।
हालांकि, निजी वाहनों से टोल वसूली कब और किन सड़कों या पुलों पर शुरू होगी, इसे लेकर अंतिम निर्णय अभी स्पष्ट नहीं है। नई नीति और उसके नियमों के आधार पर इसकी तस्वीर साफ होगी।
सड़क की चौड़ाई के आधार पर तय हो सकता है शुल्क
प्रस्तावित व्यवस्था में सड़क की क्षमता और चौड़ाई के आधार पर टोल वसूली के मॉडल पर भी विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 5.5 मीटर चौड़ी मध्यवर्ती लेन जैसी सड़कों को भी टोल व्यवस्था में प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है।
इससे अलग-अलग श्रेणी की सड़कों और पुलों के लिए शुल्क निर्धारित करने में मदद मिल सकती है।
टोल से मिलने वाली राशि का कहां होगा इस्तेमाल?
टोल से प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल सड़क और पुलों के रखरखाव, मरम्मत तथा यातायात सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकता है।
इस व्यवस्था के लागू होने के बाद सरकार को सड़कों के रखरखाव के लिए अतिरिक्त और नियमित राजस्व स्रोत मिलने की उम्मीद है।
अभी अंतिम फैसला बाकी
फिलहाल यह पूरी व्यवस्था प्रस्ताव और नीति निर्माण के स्तर पर है। टोल की दरें, किन सड़कों और पुलों पर शुल्क लगेगा, किन वाहनों को छूट मिलेगी और निजी वाहनों को कब इसके दायरे में लाया जाएगा-इन सभी बिंदुओं पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।
सरकार की ओर से अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बिहार में नई टोल व्यवस्था किस रूप में लागू होगी।







