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बिहार के युवाओं के लिए विदेश में नौकरी का रास्ता आसान, कोरियाई भाषा प्रशिक्षण को लेकर बड़ा कदम

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पटना: बिहार के युवाओं को विदेश में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। बिहार कौशल विकास मिशन की ओर से युवाओं को कोरियाई भाषा का प्रशिक्षण देने के लिए एक संस्थान के साथ समझौता (एमओयू) किया गया है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को भाषा के साथ-साथ विदेश में रोजगार के लिए आवश्यक कौशल से जोड़ना है।

विदेश में रोजगार के लिए तैयार होंगे युवा

विदेशों में रोजगार की तलाश करने वाले बिहार के युवाओं के सामने अक्सर भाषा सबसे बड़ी चुनौती बनती है। इसी को ध्यान में रखते हुए कोरियाई भाषा का विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है।

प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को कोरियाई भाषा की बुनियादी जानकारी से लेकर रोजगार के लिहाज से जरूरी भाषा कौशल तक विकसित करने का अवसर मिलेगा।

जिलों में खोले जाएंगे प्रशिक्षण केंद्र

इस पहल के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना है। इन केंद्रों पर युवाओं को कोरियाई भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे विदेश में रोजगार के लिए आवश्यक भाषा दक्षता हासिल कर सकें।

इससे खासकर उन युवाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है, जो दक्षिण कोरिया सहित अन्य देशों में नौकरी के अवसर तलाश रहे हैं।

कौशल विकास मिशन की पहल

बिहार कौशल विकास मिशन पहले से ही युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। कोरियाई भाषा प्रशिक्षण को इसी कौशल विकास अभियान से जोड़कर युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

एमओयू के बाद प्रशिक्षण कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।

युवाओं को मिल सकते हैं अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर

कोरियाई भाषा में दक्षता हासिल करने वाले युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के अवसर तलाशना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहां भाषा की जानकारी नौकरी के लिए महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है।

सरकार की इस पहल से बिहार के युवाओं को राज्य से बाहर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसरों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

रोजगार के साथ भाषा कौशल पर भी जोर

आज के समय में केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही पर्याप्त नहीं है। विदेश में नौकरी करने वाले युवाओं के लिए स्थानीय भाषा, संवाद क्षमता और कार्यस्थल की संस्कृति की समझ भी महत्वपूर्ण होती है।

ऐसे में कोरियाई भाषा प्रशिक्षण की यह पहल युवाओं को स्किल + लैंग्वेज के संयोजन के साथ तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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