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बिहार में सोलर क्रांति की तैयारी, 25 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य

पटना: बिहार में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 25 लाख परिवारों के घरों को सोलर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान में जीविका दीदियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उनके माध्यम से ग्रामीण परिवारों तक सोलर योजनाओं की जानकारी और इसके लाभ पहुंचाने की तैयारी है।

जीविका दीदियां करेंगी सोलर योजना के प्रचार में मदद

सरकार की योजना है कि जीविका से जुड़ी महिलाओं को सौर ऊर्जा से संबंधित योजनाओं से जोड़ा जाए। जीविका दीदियां ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सोलर पैनल लगाने, योजना का लाभ लेने और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने में मदद करेंगी।

इससे एक तरफ ग्रामीण परिवारों तक सौर ऊर्जा की पहुंच बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के लिए भी इस क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।

25 लाख घरों को सोलर से जोड़ने का लक्ष्य

राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत बड़े पैमाने पर घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, बिहार में 20 नवंबर 2027 तक 25 लाख परिवारों के घरों तक सौर ऊर्जा का लाभ पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर है।

ग्रामीण परिवारों और किसानों को मिलेगा फायदा

सोलर पैनल के साथ-साथ किसानों को सोलर पंप जैसी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर भी सरकार का जोर है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पर निर्भरता कम करने और खेती-किसानी में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी।

सोलर लगाने पर सरकार दे रही आर्थिक सहायता

बिहार सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र की सहायता के अतिरिक्त राज्य स्तर पर भी वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है। ऊर्जा विभाग के अनुसार, इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए ₹1,000 करोड़ की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति दी गई है।

इससे पात्र घरेलू उपभोक्ताओं के लिए घर की छत पर सोलर पैनल लगाना पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकता है।

गांवों में बढ़ेगा सौर ऊर्जा का इस्तेमाल

सरकार का लक्ष्य केवल घरों तक सोलर पैनल पहुंचाना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल का दायरा बढ़ाना भी है। इसके तहत सोलर पंप, रूफटॉप सोलर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बिहार में मॉडल सोलर विलेज योजना के तहत सभी जिलों में सौर ऊर्जा से जुड़े मॉडल विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है।

महिलाओं की भागीदारी से अभियान को मिलेगी रफ्तार

जीविका दीदियों को इस अभियान से जोड़ने का सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि ग्रामीण परिवारों तक सरकारी योजना की जानकारी स्थानीय स्तर पर और सीधे पहुंचाई जा सकेगी।

महिलाओं का नेटवर्क पहले से ही गांवों में सक्रिय है। ऐसे में सोलर योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक परिवारों को इससे जोड़ने में जीविका दीदियों की भूमिका अहम हो सकती है।

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