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बिहार TRE-4 पर सरकार का बड़ा फैसला, अब एक ही चरण में होगी शिक्षक भर्ती परीक्षा

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पटना: बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि TRE-4 की परीक्षा अब एक ही चरण में आयोजित की जाएगी। यह फैसला अभ्यर्थियों की लगातार उठ रही मांगों और आंदोलन के बीच लिया गया है।

छात्रों की मांग पर सरकार ने लिया फैसला

TRE-4 की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर पिछले कई दिनों से शिक्षक अभ्यर्थी विरोध जता रहे थे। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा को एक ही चरण में आयोजित करना, परीक्षा प्रक्रिया में स्पष्टता और कुछ अन्य नियमों में बदलाव शामिल थे।

लगातार प्रदर्शन के बाद सरकार की ओर से अभ्यर्थियों की मांगों पर विचार किया गया और अब मुख्यमंत्री ने एक चरण में परीक्षा कराने की घोषणा की है।

पहले दो चरणों की परीक्षा को लेकर थी चर्चा

TRE-4 को लेकर जारी प्रारंभिक जानकारी में PT और Mains यानी दो चरणों की परीक्षा व्यवस्था की चर्चा थी। इसी को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी थी और वे TRE-1, TRE-2 और TRE-3 की तरह TRE-4 को भी एक चरण में कराने की मांग कर रहे थे।

अब सरकार के नए ऐलान के बाद परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

32 हजार से अधिक शिक्षक पदों पर होगी भर्ती

BPSC ने TRE-4 के तहत 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। इसमें प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षकों के पद शामिल हैं।

भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों के बीच लंबे समय से इंतजार था। अब परीक्षा के चरण को लेकर सरकार के फैसले के बाद आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

परीक्षा पैटर्न को लेकर अभ्यर्थियों में था असमंजस

TRE-4 के परीक्षा पैटर्न को लेकर पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग जानकारियां सामने आ रही थीं। कुछ रिपोर्टों में दो चरणों की परीक्षा की बात कही गई, जबकि अभ्यर्थी एक चरण में परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे।

ऐसे में उम्मीदवारों के लिए जरूरी है कि वे BPSC की आधिकारिक अधिसूचना और अपडेट को ही अंतिम आधार मानें, क्योंकि परीक्षा की तारीख और विस्तृत नियमों में आधिकारिक बदलाव होने पर वही मान्य होंगे।

आंदोलन के बाद सरकार का बड़ा कदम

TRE-4 को लेकर पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन भी हुआ था। अभ्यर्थियों की मांगों में परीक्षा के चरण के अलावा नेगेटिव मार्किंग और स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए डोमिसाइल नीति जैसे मुद्दे भी शामिल रहे हैं।

सरकार के एक चरण में परीक्षा कराने के फैसले को अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में से एक पर सहमति के तौर पर देखा जा रहा है।

अभ्यर्थियों के लिए आगे क्या?

अब अभ्यर्थियों की नजर BPSC की आधिकारिक संशोधित परीक्षा प्रक्रिया, परीक्षा तिथि और विस्तृत निर्देशों पर रहेगी।

फिलहाल उम्मीदवारों को अपनी तैयारी जारी रखते हुए आयोग की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अपुष्ट परीक्षा तिथि या पैटर्न संबंधी जानकारी पर भरोसा करने से बचना बेहतर होगा।

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