पटना: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी बड़ी खबर है। राज्य में प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, नकल और अन्य अनियमितताओं के मामलों की जांच को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की भूमिका लगातार बढ़ रही है। कई भर्ती परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों की जांच EOU कर रही है और कथित पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
पेपर लीक मामलों पर EOU का शिकंजा
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच तेज कर दी है। EOU के अनुसार, वर्तमान में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित कई मामलों की गहन जांच चल रही है।
इनमें शिक्षक भर्ती परीक्षा, NEET, कांस्टेबल भर्ती और BPSC की कुछ परीक्षाओं से जुड़े मामले शामिल हैं।
TRE-3 पेपर लीक मामले में 296 गिरफ्तार
शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-3 से जुड़े कथित पेपर लीक मामले में EOU की कार्रवाई लगातार जारी है। जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में गिरफ्तारियों की संख्या 296 तक पहुंच चुकी थी। जांच एजेंसी ने इस मामले में एक डॉक्टर को भी गिरफ्तार किया था, जिस पर अभ्यर्थियों तक कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र पहुंचाने के नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस मामले में पेपर लीक के पीछे संगठित नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
AEDO परीक्षा में भी सामने आई गड़बड़ी
बिहार लोक सेवा आयोग की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEDO) भर्ती परीक्षा को लेकर भी कथित अनियमितताओं की जांच EOU कर रही है।
जांच में परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था, बायोमेट्रिक प्रक्रिया और कथित तौर पर परीक्षा से पहले उत्तर कुंजी उपलब्ध होने जैसे बिंदुओं की पड़ताल की गई है। इस मामले में EOU ने अलग-अलग आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
BARC कर्मी की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप
AEDO परीक्षा मामले में EOU ने मुंबई से BARC के एक तकनीकी सहायक को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि उसके पास परीक्षा शुरू होने से पहले उत्तर कुंजी पहुंची थी और उसने कथित तौर पर इसे अन्य लोगों तक पहुंचाया। मामले की जांच में परीक्षा केंद्र और बायोमेट्रिक व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
कांस्टेबल भर्ती और अन्य परीक्षाएं भी जांच के दायरे में
EOU की जांच सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक कांस्टेबल भर्ती, TRE-3, AEDO और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों की भी जांच चल रही है।
अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, EOU ने NEET-2026 पेपर लीक मामले में भी चार FIR दर्ज की थीं और 33 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई थी।
अब और मजबूत होगी EOU की जांच व्यवस्था
EOU के अधिकारियों के अनुसार, राज्य में आर्थिक अपराध और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच को मजबूत करने के लिए 12 क्षेत्रीय इकाइयां स्थापित करने की तैयारी भी है। इससे पटना मुख्यालय पर निर्भरता कम होगी और जिलों में ही मामलों की जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
अभ्यर्थियों के लिए क्या मायने रखता है?
पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में EOU की सक्रियता का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करना है। हालांकि, किसी भी मामले में आरोपों को अंतिम सत्य मानने के बजाय जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है।
सरकार और जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि भर्ती परीक्षाओं की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ किसी तरह का अन्याय न हो।
