मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस कार्रवाई में गिरोह के कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह गिरोह विदेशों में रहने वाले लोगों को निशाना बनाकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था।
ब्रिटेन के लोगों को बनाया जाता था निशाना
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरोह की गतिविधियों का एक प्रमुख निशाना ब्रिटेन में रहने वाले लोग थे। आरोपी कथित तौर पर तकनीकी माध्यमों और ऑनलाइन संपर्क के जरिए लोगों तक पहुंचते थे और अलग-अलग तरीकों से उन्हें ठगी के जाल में फंसाने की कोशिश करते थे।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी के जरिए कितनी रकम जुटाई गई।
पुलिस की दबिश के बाद पकड़ा गया मास्टरमाइंड
साइबर ठगी की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित ठिकाने पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान गिरोह के कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, इस्तेमाल किए जा रहे संसाधनों और पैसों के लेन-देन की जानकारी जुटाने पर है।
कैसे चल रहा था साइबर ठगी का खेल?
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी विदेशों में रहने वाले लोगों का डेटा किस तरह हासिल करते थे और उनसे संपर्क करने के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह के पास कितने बैंक खाते, मोबाइल नंबर, डिजिटल उपकरण और अन्य संसाधन मौजूद थे।
नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल?
मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आशंका है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी जुड़े हो सकते हैं।
पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
साइबर अपराध पर पुलिस की बढ़ी निगरानी
मुजफ्फरपुर में साइबर अपराध से जुड़े मामलों पर पुलिस और साइबर सेल की निगरानी लगातार बढ़ रही है। हाल के महीनों में जिले में ऑनलाइन ठगी के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें बैंक खातों से रकम उड़ाने से लेकर ऑनलाइन निवेश और टेलीग्राम टास्क के नाम पर ठगी तक शामिल है।
ऐसे मामलों में पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, बैंक लेन-देन और डिजिटल उपकरणों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
आगे की जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे
मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। गिरोह का संचालन कहां से किया जा रहा था, कितने लोग इसमें शामिल थे और विदेशों में कितने लोगों को निशाना बनाया गया—इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।







