पटना में भीम आर्मी का अधिकार मार्च, बैरिकेडिंग पर चढ़े प्रदर्शनकारी; BPSC और डोमिसाइल नीति को लेकर उठाई आवा
पटना: राजधानी पटना में शनिवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी की ओर से अधिकार मार्च निकाला गया। गांधी मैदान से शुरू हुए इस मार्च में प्रदर्शनकारियों ने 70वीं BPSC परीक्षा की न्यायिक जांच, BPSC चेयरमैन के खिलाफ कार्रवाई और बिहार की सरकारी नौकरियों में 85 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने समेत कई मांगें उठाईं।
गांधी मैदान से निकला अधिकार मार्च
प्रदर्शनकारी गांधी मैदान के गेट नंबर-10 के पास जुटे और वहां से आगे बढ़ने की कोशिश की। मार्च को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और मुख्यमंत्री आवास व लोकभवन के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी।
प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जिसके बाद मौके पर पुलिस बल की तैनाती और बढ़ा दी गई।
70वीं BPSC परीक्षा की न्यायिक जांच की मांग
अधिकार मार्च में 70वीं BPSC परीक्षा की न्यायिक जांच कराने की मांग प्रमुख रही। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर BPSC चेयरमैन के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा से संबंधित उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
सरकारी नौकरियों में 85% डोमिसाइल की मांग
प्रदर्शन के दौरान बिहार की सरकारी भर्तियों में 85 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी उठाई गई।
आयोजकों का कहना है कि राज्य की सरकारी नौकरियों में बिहार के युवाओं को अधिक अवसर मिलना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने के लिए अधिकार मार्च निकाला।
BSSC समेत अन्य भर्तियों के मुद्दे भी उठे
प्रदर्शन के दौरान BSSC की आगामी परीक्षाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को भी उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने लंबित भर्तियों और परीक्षा प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने की मांग की।
इसके अलावा पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े सामाजिक न्याय के मुद्दों पर भी प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें रखीं।
बैरिकेडिंग पर चढ़े प्रदर्शनकारी
मार्च के दौरान जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, तो कुछ प्रदर्शनकारी उस पर चढ़ गए। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की।
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज या वाटर कैनन चलाने की पुष्टि नहीं है, इसलिए इसे खबर में शामिल नहीं किया गया है।
CM हाउस और लोकभवन के आसपास सुरक्षा बढ़ी
अधिकार मार्च को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास, लोकभवन, डाकबंगला चौराहा, आयकर चौराहा और अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रशासन की कोशिश रही कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दे भी एजेंडे में
अधिकार मार्च में अति पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने अत्याचार, शोषण और गंभीर अपराधों के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
इसके अलावा अनुसूचित जाति और जनजाति से जुड़े मामलों में ऑनलाइन FIR जैसी सुविधाओं और अति पिछड़ा वर्ग के लिए भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग रखी गई।
पुलिस-प्रशासन की नजर प्रदर्शन पर
पटना में हाल के दिनों में लगातार हो रहे छात्र और युवा आंदोलनों को देखते हुए प्रशासन अधिकार मार्च को लेकर पहले से सतर्क था। मुख्यमंत्री आवास और लोकभवन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया।
प्रदर्शनकारियों की मांगों और प्रशासन की कार्रवाई के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन मुद्दों पर क्या कदम उठाती है।
