पटना: शिक्षक दिवस से पहले बिहार के शिक्षकों ने सातवें वेतनमान की मांग को लेकर डिजिटल आंदोलन शुरू कर दिया है। रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर #BiharTeachersNeed7thPay अभियान चलाया गया। शिक्षक संगठनों का दावा है कि यह हैशटैग ट्रेंडिंग में शीर्ष पर पहुंचा और बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अभियान में हिस्सा लिया।
शिक्षकों की मांग है कि उन्हें सातवें वेतन आयोग के अनुरूप उचित पे मैट्रिक्स, पे लेवल और पूर्ण वेतनमान का लाभ दिया जाए। शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से इस मामले में जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
क्या है शिक्षकों की मुख्य मांग?
शिक्षक संगठनों का कहना है कि बिहार में राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद अब वेतन संरचना को लेकर भी स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था होनी चाहिए।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें हैं-
- सातवें वेतनमान के अनुरूप वेतन संरचना लागू की जाए।
- उचित Pay Level और Pay Matrix निर्धारित किया जाए।
- शिक्षकों को पूर्ण वेतनमान और संबंधित वित्तीय लाभ दिया जाए।
- वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए।
सोशल मीडिया पर क्यों शुरू हुआ अभियान?
शिक्षक संगठनों के अनुसार, सातवें वेतनमान की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इस बार शिक्षक संगठनों ने अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया को माध्यम बनाया।
अभियान के तहत शिक्षकों ने एक साथ X पर पोस्ट करते हुए #BiharTeachersNeed7thPay हैशटैग का इस्तेमाल किया। शिक्षक संगठनों का दावा है कि अभियान को व्यापक समर्थन मिला और यह X की ट्रेंडिंग लिस्ट में शीर्ष स्थान तक पहुंचा।
शिक्षक संघ का सवाल- राज्यकर्मी का दर्जा मिला तो वेतनमान में अंतर क्यों?
शिक्षक संगठन का तर्क है कि जब शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया गया है, तो वेतन संरचना को लेकर भी उन्हें अन्य समान सरकारी सेवाओं के अनुरूप लाभ मिलना चाहिए।
शिक्षक नेताओं का कहना है कि शिक्षक नई पीढ़ी तैयार करने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उनकी आर्थिक सुरक्षा और सेवा शर्तों को लेकर सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
शिक्षक दिवस पर बड़ी घोषणा की मांग
शिक्षक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस के अवसर पर सातवें वेतनमान को लेकर स्पष्ट घोषणा की जाए।
शिक्षक नेताओं का कहना है कि सरकार यदि उनकी मांग पर सकारात्मक फैसला लेती है तो इससे प्रदेश के शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार के फैसले पर टिकी शिक्षकों की नजर
डिजिटल अभियान के बाद अब शिक्षकों की नजर सरकार के अगले कदम पर है। फिलहाल सातवें वेतनमान को लेकर सरकार की ओर से कोई अंतिम निर्णय या नई वेतन संरचना घोषित नहीं की गई है।
ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
शिक्षक संगठन बोले- आंदोलन को आगे भी जारी रखेंगे
शिक्षक संगठनों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो अभियान को आगे भी जारी रखा जा सकता है।
शिक्षकों का कहना है कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने का प्रयास है।
