कैमूर: मोहनिया में दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-19) से सटी सर्विस रोड इन दिनों लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। करीब दो महीने से सड़क पर जलजमाव और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। हालात से नाराज स्थानीय लोगों ने रविवार को सड़क पर ही धान की रोपाई कर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया।
सड़क पर पानी या तालाब? गड्ढों का पता लगाना भी मुश्किल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सर्विस रोड पर लंबे समय से पानी जमा है। लगातार जलजमाव के कारण सड़क पर मौजूद गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
लोगों का कहना है कि कई वाहन गड्ढों में फंस चुके हैं और आए दिन दुर्घटनाओं की स्थिति बनती रहती है। इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
सड़क पर ही शुरू कर दी धान की खेती
समस्या से परेशान लोगों ने प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। जलजमाव से भरी सड़क पर लोगों ने धान की रोपाई कर दी।
प्रदर्शनकारियों ने तंज कसते हुए कहा कि जब सड़क महीनों से पानी में डूबी है और इसकी मरम्मत नहीं हो रही, तो इसे सड़क के बजाय खेत मानकर धान की खेती ही कर लेते हैं।
जलजमाव से दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित
सर्विस रोड के किनारे बड़ी संख्या में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। लगातार पानी जमा रहने के कारण ग्राहकों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिसका सीधा असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है। लंबे समय से बनी इस समस्या के कारण छोटे कारोबारियों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
‘सड़क और नाले में अंतर करना मुश्किल’
स्थानीय निवासी सड़क की स्थिति को लेकर काफी नाराज हैं। उनका कहना है कि सड़क पर इतना पानी जमा है कि यह समझना मुश्किल हो गया है कि सामने सड़क है या नाला।
लोगों ने सवाल उठाया कि जब इलाके में लंबे समय से जलजमाव की समस्या बनी हुई है, तो संबंधित विभाग की ओर से इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा है।
NHAI और जनप्रतिनिधियों से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने NHAI, संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जल्द कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि सबसे पहले सड़क से पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए और इसके बाद गड्ढों को भरकर सड़क की मरम्मत कराई जाए।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो दुर्घटनाओं के साथ-साथ स्थानीय कारोबारियों और आम लोगों की परेशानी भी बढ़ती जाएगी।
