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बिहार के सरकारी शिक्षकों के HRA पर बड़ा अपडेट, शपथ पत्र के बाद मिलेगा आवास भत्ता

पटना: बिहार के सरकारी शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए मकान किराया भत्ता (HRA) को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। शिक्षा विभाग की ओर से आवास भत्ता स्वीकृति और भुगतान को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षकों को निर्धारित शर्तों और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही संबंधित दर से HRA का लाभ मिलेगा।

किसे मिलेगा कितना HRA?

नई व्यवस्था के तहत आवास भत्ते की दर कार्यस्थल के क्षेत्र के आधार पर तय की गई है।

  • नगर निगम क्षेत्र: 10% HRA
  • नगर परिषद/नगर पंचायत क्षेत्र: 7.5% HRA
  • ग्रामीण क्षेत्र: 5% HRA

हालिया जिला-स्तरीय निर्देशों में भी इन्हीं दरों के अनुसार HRA भुगतान की बात कही गई है।

HRA के लिए शपथ पत्र क्यों जरूरी?

HRA का लाभ लेने के लिए शिक्षकों को विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक घोषणा/शपथ पत्र और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवास भत्ते का भुगतान पात्रता और निर्धारित नियमों के अनुसार ही हो।

यानी केवल विद्यालय का स्थान ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि संबंधित शिक्षक को विभाग की ओर से मांगी गई औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी।

8 किलोमीटर का नियम भी महत्वपूर्ण

HRA से जुड़े नए निर्देशों में 8 किलोमीटर की परिधि का प्रावधान भी महत्वपूर्ण है। वर्गीकृत शहरी क्षेत्र के आसपास स्थित विद्यालयों के मामले में यह देखा जाएगा कि विद्यालय संबंधित नगर निकाय की सीमा से कितनी दूरी पर है।

इसी आधार पर पात्रता और HRA की दर निर्धारित की जा सकती है।

नगर निगम क्षेत्र में 10% HRA

नगर निगम क्षेत्र में निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले शिक्षकों को मूल वेतन का 10 प्रतिशत HRA दिए जाने का प्रावधान है।

हालांकि, इसके लिए सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति और विभागीय नियमों का पालन आवश्यक होगा।

नगर परिषद और नगर पंचायत में 7.5%

नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्र में कार्यरत पात्र शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए 7.5 प्रतिशत HRA निर्धारित है।

जिला स्तर पर विद्यालयों के क्षेत्रीय वर्गीकरण के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में 5% आवास भत्ता

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों में कार्यरत पात्र शिक्षकों को 5 प्रतिशत HRA दिए जाने का प्रावधान है।

इसलिए शिक्षकों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनका विद्यालय किस श्रेणी के क्षेत्र में आता है।

जिला शिक्षा अधिकारियों की भी तय की गई जिम्मेदारी

HRA से संबंधित आदेश में विद्यालयों के क्षेत्रवार वर्गीकरण और विभागीय रिकॉर्ड को अपडेट करने की जिम्मेदारी संबंधित शिक्षा अधिकारियों को दी गई है।

शिक्षकों के HRA निर्धारण में विद्यालय की सही श्रेणी दर्ज होना महत्वपूर्ण है।

शिक्षकों के लिए क्या जरूरी है?

जिन शिक्षकों को HRA का लाभ लेना है, उन्हें विभागीय निर्देशों के अनुसार अपने दस्तावेज और आवश्यक घोषणा/शपथ पत्र समय पर उपलब्ध कराने चाहिए।

साथ ही शिक्षक यह भी जांच लें कि उनके विद्यालय का क्षेत्रीय वर्गीकरण सही दर्ज है या नहीं, क्योंकि HRA की दर इसी आधार पर प्रभावित होगी।

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