Home राज्य नालंदा को बड़ी सौगात, ₹1,655 करोड़ से फोरलेन बनेगी दनियावां-हुलासगंज सड़क

नालंदा को बड़ी सौगात, ₹1,655 करोड़ से फोरलेन बनेगी दनियावां-हुलासगंज सड़क

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नालंदा: जिले के सड़क संपर्क और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। दनियावां-हिलसा-एकंगरसराय-इस्लामपुर-हुलासगंज सड़क को दो लेन से बढ़ाकर फोरलेन करने की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना पर करीब 1,655 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

करीब 93 किलोमीटर लंबी सड़क होगी फोरलेन

प्रस्तावित परियोजना के तहत दनियावां से हुलासगंज तक सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। वर्तमान में यह मार्ग मुख्य रूप से दो लेन का है। फोरलेन बनने के बाद इस मार्ग पर यातायात की क्षमता बढ़ेगी और लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

यह सड़क कई महत्वपूर्ण कस्बों और शहरों को जोड़ती है। इसके चौड़ीकरण से नालंदा के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है।

285 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण

परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए करीब 285 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की तैयारी की जा रही है। सड़क चौड़ीकरण के लिए आवश्यक जमीन चिह्नित करने और अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है।

भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में आगे की प्रक्रिया तेज की जा सकेगी।

हिलसा और इस्लामपुर को मिलेगा बड़ा फायदा

फोरलेन सड़क बनने से हिलसा, एकंगरसराय और इस्लामपुर जैसे महत्वपूर्ण इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

सड़क की क्षमता बढ़ने से लंबी दूरी के वाहनों और स्थानीय यातायात के लिए आवागमन अधिक सुगम होने की संभावना है।

यातायात दबाव कम करने में मिलेगी मदद

इस मार्ग पर बढ़ते यातायात को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फोरलेन बनने के बाद वाहनों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी और कई स्थानों पर यातायात दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन भी आसान होगा।

परियोजना से विकास को मिलेगी रफ्तार

सड़क किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण कड़ी होती है। दनियावां-हुलासगंज मार्ग के फोरलेन होने से इस क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर सड़क नेटवर्क से बाजारों तक पहुंच आसान होती है और स्थानीय उत्पादों के परिवहन में भी समय और लागत कम हो सकती है।

भूमि अधिग्रहण के बाद निर्माण की राह होगी आसान

फिलहाल परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है। भूमि अधिग्रहण और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।

परियोजना के पूरा होने के बाद दनियावां से हुलासगंज तक का सफर पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित होने की उम्मीद है।

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