पटना: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली को लेकर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। विभागीय स्तर पर 13 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। यह कदम भ्रष्टाचार, काम में लापरवाही और जमीन से जुड़े मामलों के निष्पादन में अनियमितता की शिकायतों के बाद उठाया गया है। विभाग की ओर से पहले भी ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है।
भ्रष्टाचार और लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों से जुड़े राजस्व कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या पद के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विभाग का फोकस दाखिल-खारिज, भूमि विवाद, राजस्व अभिलेख और अन्य जमीन संबंधी मामलों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निपटाने पर है।
दाखिल-खारिज में लापरवाही पर भी सख्ती
विभागीय समीक्षा में कई जगह दाखिल-खारिज के मामले निर्धारित समय से अधिक समय तक लंबित पाए गए हैं। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आम लोगों को छोटी-मोटी तकनीकी त्रुटियों के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
मंत्री ने अधिकारियों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आवेदनों की जांच करने और अनावश्यक रूप से आवेदन वापस नहीं करने का निर्देश दिया है।
लंबित मामलों के जल्द निपटारे पर जोर
सरकार की ओर से राजस्व मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। विभाग ने लंबित दाखिल-खारिज और अन्य भूमि संबंधी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को अपनी जमीन से जुड़े छोटे-छोटे काम के लिए बार-बार अंचल कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें समय पर राजस्व सेवाएं मिल सकें।
अधिकारियों की जवाबदेही होगी तय
मंत्री दिलीप जायसवाल ने संकेत दिया है कि अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार, रिश्वत मांगने, जानबूझकर फाइल लंबित रखने या काम में लापरवाही की शिकायत सही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई का उद्देश्य विभागीय कामकाज में जवाबदेही बढ़ाना और आम लोगों को बेहतर राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना है।
आगे भी जारी रहेगा कार्रवाई का अभियान
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में पिछले कुछ महीनों से कार्रवाई का सिलसिला जारी है। जुलाई 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक महीने के भीतर विभाग में 62 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने आई थी।
मंत्री ने विभाग में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रखने की बात कही है।







