Homeदेशराम मंदिर ट्रस्ट की आज अहम बैठक, तय होगा पहला CEO कौन?...

राम मंदिर ट्रस्ट की आज अहम बैठक, तय होगा पहला CEO कौन? रेस में कई दिग्गजों के नाम

अयोध्या: राम मंदिर के प्रशासन और संचालन को लेकर आज का दिन बेहद अहम है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज अयोध्या में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। बैठक में ट्रस्ट के पहले स्थायी CEO (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) के नाम पर अंतिम फैसला होने की संभावना है। सर्च कमेटी ने चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंप दिया है।

शाम 4 बजे होगी मुख्य बैठक

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक मणिराम छावनी में दो चरणों में होने की जानकारी है। पहले सत्र में ट्रस्ट के खाली पदों और महासचिव के नाम पर चर्चा हो सकती है।

इसके बाद शाम 4 बजे मुख्य बैठक शुरू होने की संभावना है। इसमें CEO के चयन के साथ-साथ ट्रस्ट की विभिन्न समितियों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।

CEO पद के लिए कौन-कौन नाम चर्चा में?

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO को लेकर कई अनुभवी अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। इनमें पूर्व IPS राजेश पांडेय, पूर्व IAS योगेश्वर राम मिश्रा, बिहार कैडर के IPS परेश सक्सेना और पूर्व IPS दिनेश चंद्र के नाम सामने आए हैं।

हालांकि, इन नामों में से कौन-कौन सर्च कमेटी द्वारा ट्रस्ट को सौंपे गए अंतिम तीन नामों में शामिल हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल किसी एक नाम को तय उम्मीदवार बताना जल्दबाजी होगी।

5,585 आवेदनों के बाद तीन नामों तक पहुंची प्रक्रिया

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए चयन प्रक्रिया काफी व्यापक रही। इस पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे।

आवेदनों की तकनीकी जांच और मैनुअल स्क्रूटनी के बाद 16 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इन उम्मीदवारों के साथ अगस्त में ऑनलाइन बातचीत और फिर अयोध्या में आमने-सामने इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी की गई।

इसके बाद सर्च कमेटी ने तीन नामों का अंतिम पैनल तैयार कर ट्रस्ट को सौंप दिया।

तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने किया चयन

CEO के चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने उम्मीदवारों की योग्यता और अनुभव का आकलन किया। कमेटी में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. चतुर्वेदी और डॉ. सुरेश हावरे शामिल रहे।

कमेटी ने इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। अब अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में होना है।

CEO की जिम्मेदारी क्यों होगी महत्वपूर्ण?

राम मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं, प्रशासनिक कामकाज, वित्तीय प्रबंधन और भविष्य की योजनाओं को देखते हुए CEO का पद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्थायी CEO की नियुक्ति से मंदिर ट्रस्ट के रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

ट्रस्ट के अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी हो सकता है फैसला

आज की बैठक सिर्फ CEO की नियुक्ति तक सीमित नहीं रहने वाली है। ट्रस्ट के तीन खाली पदों, महासचिव के पद और विभिन्न समितियों के पुनर्गठन पर भी चर्चा हो सकती है।

धार्मिक न्यास समिति, निर्माण समिति, वित्त समिति, ऑडिट समिति और मैनेजिंग कमेटी की संरचना को लेकर भी फैसले की संभावना है।

मीडिया व्यवस्था में भी बदलाव संभव

ट्रस्ट की मीडिया और सार्वजनिक संचार व्यवस्था को लेकर भी बैठक में चर्चा होने की संभावना है। मीडिया से जुड़े कार्यों और जिम्मेदारियों में बदलाव पर फैसला हो सकता है।

ऐसे में आज की बैठक के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था की नई तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

आज साफ हो सकता है पहला CEO कौन होगा

CEO चयन की लंबी प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सर्च कमेटी की रिपोर्ट ट्रस्ट के पास है और अब अंतिम निर्णय ट्रस्ट को लेना है।

अगर बैठक में किसी एक नाम पर सहमति बनती है, तो राम मंदिर ट्रस्ट के पहले स्थायी CEO के नाम का ऐलान किया जा सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments