मुजफ्फरपुर : जन सुराज की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, प्रशांत किशोर ने बिहार में डस्टबिन खरीद से जुड़े कथित घोटाले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के साथ पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि डस्टबिन की खरीद की प्रक्रिया तेजस्वी यादव के स्वास्थ्य मंत्री रहते शुरू हुई थी, इसलिए पूरे मामले की जांच में उनकी भूमिका को भी शामिल किया जाना चाहिए।
प्रशांत किशोर ने कहा कि डस्टबिन खरीद मामले में यदि अनियमितता के आरोपों की जांच हो रही है, तो जांच सभी संबंधित कार्यकाल और जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की भूमिका को ध्यान में रखकर होनी चाहिए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदारी तय करने में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
दिल्ली में मंत्री से जुड़ी कथित घटना पर भी निशाना
प्रशांत किशोर ने दिल्ली में बिहार सरकार के एक मंत्री से जुड़ी कथित घटना को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें सुनने में आ रही हैं कि एक मंत्री पर दिल्ली में एक लड़की के साथ छेड़खानी का आरोप लगा और कथित तौर पर लोगों ने उनके साथ मारपीट की।
हालांकि, इस घटना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशांत किशोर ने इस कथित घटना को लेकर बिहार सरकार की कार्यशैली और राजनीतिक नेतृत्व पर भी तीखी टिप्पणी की।
सरकार के नेतृत्व पर उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि जब सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर ही गंभीर सवाल उठते हैं, तो उसका असर सरकार के मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों और पूरी व्यवस्था पर भी दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सत्ता से जुड़े लोगों के आचरण को लेकर लगातार उठने वाले सवाल सरकार की छवि और व्यवस्था पर असर डालते हैं।
जांच और जवाबदेही की मांग
जन सुराज ने डस्टबिन खरीद मामले में सभी संबंधित पक्षों की भूमिका की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सरकारी खरीद में यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है, तो जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
