पटना: बिहार की राजनीति में जन सुराज ने अब विधान परिषद चुनाव को लेकर बड़ा दांव खेलने की तैयारी कर ली है। जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने आगामी विधान परिषद (MLC) चुनाव में पार्टी के उतरने का ऐलान किया है। पार्टी शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सभी 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारने की तैयारी में है।
प्रशांत किशोर के इस ऐलान के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जन सुराज की एंट्री से इन सीटों पर मुकाबला पहले की तुलना में और दिलचस्प होने की संभावना है।
8 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जन सुराज
जन सुराज की नजर बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 8 सीटों पर है। इनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
प्रस्तावित सीटों में पटना स्नातक, पटना शिक्षक, दरभंगा स्नातक, दरभंगा शिक्षक, तिरहुत स्नातक, तिरहुत शिक्षक, कोसी स्नातक और सारण शिक्षक शामिल हैं।
5 से 7 दिनों में आ सकती है उम्मीदवारों की सूची
प्रशांत किशोर ने संकेत दिया है कि पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की पहली सूची 5 से 7 दिनों के भीतर जारी की जा सकती है। फिलहाल संभावित उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति पर पार्टी के स्तर पर मंथन चल रहा है।
उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि जन सुराज किन चेहरों पर दांव लगाती है और किन मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरती है।
बांकीपुर की जीत के बाद बढ़ा आत्मविश्वास
जन सुराज के लिए यह घोषणा बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत के बाद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशांत किशोर की जीत के बाद पार्टी ने अब अपना फोकस आगामी चुनावों पर बढ़ा दिया है।
विधानसभा उपचुनाव के बाद अब MLC चुनाव पार्टी के संगठन और जमीनी पकड़ की एक अलग परीक्षा साबित हो सकता है।
शिक्षक और स्नातक मतदाताओं पर होगी नजर
MLC की इन सीटों पर सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग तरह का चुनावी समीकरण होता है। यहां शिक्षक और स्नातक मतदाता सीधे तौर पर चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।
ऐसे में शिक्षा, रोजगार, युवाओं के अवसर, सरकारी व्यवस्था और शिक्षकों से जुड़े मुद्दे चुनावी चर्चा के प्रमुख विषय बन सकते हैं।
प्रमुख राजनीतिक दलों के सामने नई चुनौती
जन सुराज के मैदान में उतरने से इन आठ सीटों पर मुकाबला बहुकोणीय होने की संभावना है। पार्टी की एंट्री से पहले से सक्रिय राजनीतिक दलों के सामने एक नया विकल्प खड़ा होगा।
हालांकि, जन सुराज की वास्तविक चुनावी ताकत का आकलन उम्मीदवारों के नाम, संगठन की सक्रियता और चुनाव परिणाम के बाद ही किया जा सकेगा।
MLC के बाद पंचायत चुनाव पर भी नजर
जन सुराज का फोकस केवल विधान परिषद चुनाव तक सीमित नहीं है। पार्टी आगामी पंचायत चुनाव की तैयारियों पर भी काम कर रही है। संगठन को गांव से जिला स्तर तक मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की योजना है।
प्रशांत किशोर सितंबर से बिहार के विभिन्न जिलों के दौरे पर भी निकलने वाले हैं, जिसका उद्देश्य पार्टी के संगठन को और मजबूत करना बताया गया है।
अब उम्मीदवारों के नाम का इंतजार
जन सुराज के MLC चुनाव में उतरने के ऐलान के बाद अब सबसे ज्यादा नजर पार्टी की पहली उम्मीदवार सूची पर है। उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद चुनावी रणनीति और संभावित समीकरण की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
फिलहाल इतना तय है कि 8 शिक्षक-स्नातक MLC सीटों पर जन सुराज की एंट्री ने बिहार की सियासत में एक नया चुनावी मोर्चा खोल दिया है।
