अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के प्रशासनिक और संचालन संबंधी कार्यों को और मजबूत करने के लिए रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। ट्रस्ट की बैठक में उनकी नियुक्ति पर अंतिम मुहर लगाई गई।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब राम मंदिर से जुड़ी गतिविधियों और व्यवस्थाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ट्रस्ट को उम्मीद है कि जितेंद्र मिश्रा के लंबे प्रशासनिक और सैन्य अनुभव से मंदिर से जुड़े संचालन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा?
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के अनुभवी अधिकारी रहे हैं। उन्होंने अपने सैन्य करियर में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड की कमान भी संभाली थी। उनकी नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक अनुभव को इस नियुक्ति की प्रमुख वजहों में माना जा रहा है।
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने
जितेंद्र मिश्रा अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO होंगे। CEO के तौर पर उनकी जिम्मेदारी ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज, संचालन और विभिन्न गतिविधियों के बेहतर समन्वय से जुड़ी होगी।
राम मंदिर परिसर से जुड़ी व्यवस्थाओं के विस्तार के साथ ट्रस्ट में पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही थी। ऐसे में CEO की नियुक्ति को इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
5,585 आवेदनों के बाद हुआ चयन
इस पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार कुल 5,585 लोगों ने आवेदन किया था। इसके बाद कई चरणों की स्क्रीनिंग और चयन प्रक्रिया के माध्यम से उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया।
अंतिम चरण में तीन उम्मीदवारों के नाम पर विचार किया गया, जिसके बाद जितेंद्र मिश्रा को CEO के लिए चुना गया।
सैन्य अनुभव का मिलेगा लाभ
राम मंदिर जैसे बड़े धार्मिक और राष्ट्रीय महत्व के परिसर के संचालन में प्रशासन, सुरक्षा, वित्तीय प्रबंधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है।
जितेंद्र मिश्रा का सैन्य नेतृत्व और संगठनात्मक अनुभव ट्रस्ट के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। उनकी नियुक्ति से मंदिर की व्यवस्थाओं में अनुशासन, बेहतर समन्वय और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलावों के बीच बड़ी नियुक्ति
CEO की नियुक्ति ट्रस्ट में प्रशासनिक स्तर पर हो रहे बदलावों के बीच हुई है। मंदिर निर्माण के साथ अब श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, सुविधाओं, संचालन और बड़े पैमाने पर होने वाली व्यवस्थाओं को संभालने के लिए ट्रस्ट के सामने नई चुनौतियां हैं।
ऐसे में CEO के पद को ट्रस्ट के दैनिक और प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राम मंदिर के संचालन को मिलेगा नया स्वरूप
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों के विस्तार के साथ ट्रस्ट की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। CEO की नियुक्ति से प्रशासनिक कार्यों के लिए एक स्पष्ट जिम्मेदारी तय होगी और विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर होने की उम्मीद है।
