पटना : बिहार में विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति और संगठन को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने मुख्यमंत्री पद को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और गोविंदगंज विधायक राजू तिवारी ने शुक्रवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में LJP रामविलास अपनी सरकार बनाएगी और चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प पूरा करेगी।
राजू तिवारी के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में चर्चा तेज हो गई है। खासकर इसलिए क्योंकि LJP रामविलास इस समय NDA का हिस्सा है। ऐसे में सहयोगी दल के नेता की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए खुलकर दावा किए जाने को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पटना के व्हीलर रोड स्थित LJP रामविलास के प्रदेश कार्यालय में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजू तिवारी ने पार्टी की भविष्य की रणनीति पर बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए संगठन और कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत के साथ काम करना होगा।
राजू तिवारी के बयान के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक ने भी इस दावे का समर्थन किया। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2029 में हों या 2030 में, पार्टी का लक्ष्य चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाना है। उन्होंने कहा कि जब LJP रामविलास बिहार में नंबर वन पार्टी बनेगी तो चिराग पासवान का मुख्यमंत्री बनना स्वाभाविक होगा।
पार्टी के नेताओं के इन बयानों को बिहार की गठबंधन राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। चिराग पासवान वर्तमान में केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री हैं और उनकी पार्टी NDA में सहयोगी है। ऐसे में मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी की ओर से अभी से दावा सामने आने के बाद आने वाले समय में गठबंधन के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो सकती है।
LJP रामविलास ने 2025 के विधानसभा चुनाव में 28 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें 19 सीटों पर जीत हासिल करने का दावा किया गया है। चुनाव परिणाम के बाद बिहार विधानसभा में पार्टी की स्थिति पहले की तुलना में मजबूत हुई है। पार्टी अब अपने संगठन के विस्तार और राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
चिराग पासवान को मुख्यमंत्री बनाने का लक्ष्य सार्वजनिक किए जाने से यह साफ संकेत मिल रहा है कि LJP रामविलास भविष्य की बिहार की राजनीति में अपनी भूमिका को लेकर गंभीर है। हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन पार्टी ने मुख्यमंत्री पद की अपनी दावेदारी को लेकर सियासी संदेश जरूर दे दिया है।
अब निगाह इस बात पर होगी कि NDA के अन्य घटक दल LJP रामविलास के इस रुख पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री पद, सीट बंटवारे और गठबंधन की रणनीति को लेकर बिहार की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।







