पटना: बिहार में नई गाड़ियां खरीदने वाले ग्राहकों और वाहन डीलरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। परिवहन विभाग ने नए मॉडल के वाहनों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान कर दिया है। अब वाहन निर्माता कंपनियों को नए मॉडल की गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन शुरू कराने के लिए परिवहन विभाग के पटना मुख्यालय से अलग से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी।
नई व्यवस्था के बाद केंद्रीय स्तर पर जारी अप्रूवल और जरूरी दस्तावेजों के आधार पर जिला स्तर पर ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
मुख्यालय से मंजूरी लेने की पुरानी व्यवस्था खत्म
पहले किसी वाहन निर्माता कंपनी की ओर से नया मॉडल बाजार में उतारने के बाद जिला स्तर पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने के लिए परिवहन विभाग के मुख्यालय से अलग अनुमति लेनी पड़ती थी।
इस प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लगने के कारण डीलरों और कंपनियों को परेशानी होती थी। अब विभाग ने इस अतिरिक्त मंजूरी की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।
केंद्रीय अप्रूवल के आधार पर होगा रजिस्ट्रेशन
नई व्यवस्था में वाहन निर्माता कंपनियों को केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त एजेंसी द्वारा जारी टाइप अप्रूवल सर्टिफिकेट और फॉर्म-22 के आधार पर प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
इन दस्तावेजों के आधार पर संबंधित जिला परिवहन कार्यालय में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला स्तर पर ही आगे बढ़ेगा काम
नई व्यवस्था के तहत कंपनियों को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद जिला परिवहन पदाधिकारी स्तर से प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
इससे वाहन कंपनियों और डीलरों को बार-बार पटना मुख्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और नए मॉडल की गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन अपेक्षाकृत तेजी से हो सकेगा।
ग्राहकों को भी मिलेगा सीधा फायदा
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सरल होने का फायदा आखिरकार वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को भी मिल सकता है। नए मॉडल की गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में होने वाली प्रशासनिक देरी कम होने से डिलीवरी और नंबर जारी होने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
खासकर ऐसे समय में जब वाहन कंपनियां लगातार नए मॉडल बाजार में उतार रही हैं, यह बदलाव डीलरों और ग्राहकों दोनों के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य प्रक्रिया को बनाना आसान
परिवहन विभाग का यह फैसला वाहन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सरल, तेज और जिला स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब केंद्रीय स्तर पर वाहन मॉडल की आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद बिहार में उसके रजिस्ट्रेशन के लिए अलग से राज्य मुख्यालय की अनुमति लेने की बाध्यता नहीं रहेगी।
