पटना : पटना जू के पास निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन के डिजाइन में बदलाव किया जा रहा है। इसे लेकर सोमवार को पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी संदीप कुमार आर पुडकलकट्टी की अध्यक्षता में अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के साथ बैठक हुई। बैठक में डीएमआरसी समेत अन्य एजेंसियों के अधिकारियों ने स्टेशन के प्रस्तावित डिजाइन को लेकर सुझाव दिए और निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
नवंबर में पटना जू के पास बने मेट्रो शाफ्ट से चार टनल बोरिंग मशीन (TBM) सुरंग निर्माण के लिए उतारी जाएंगी। इन मशीनों के जरिए अंडरग्राउंड मेट्रो के लिए अप और डाउन दोनों सुरंगों का निर्माण किया जाएगा।
पटना जंक्शन की ओर जाएंगी दो TBM
पटना जू के पास बने शाफ्ट से दो TBM पूरब दिशा में पटना जंक्शन की ओर भेजी जाएंगी। इनके माध्यम से अप और डाउन सुरंग का निर्माण किया जाएगा। इससे कॉरिडोर-1 के अंडरग्राउंड हिस्से के निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है।
वहीं, दो अन्य TBM पश्चिम दिशा में रूकनपुरा स्टेशन की ओर जाएंगी। वहां भी अप और डाउन सुरंग का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए संबंधित एजेंसियों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
निर्माण में तेजी के साथ गुणवत्ता और सुरक्षा पर जोर
बैठक में अधिकारियों को मेट्रो निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। निर्माण के दौरान आने वाली तकनीकी या अन्य बाधाओं को संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर दूर करने को कहा गया। साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया गया।
17.93 किलोमीटर लंबा है कॉरिडोर-1
पटना मेट्रो के कॉरिडोर-1 की कुल लंबाई 17.93 किलोमीटर है। इसमें 10.54 किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड और 7.39 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड है। कॉरिडोर-1 के अंडरग्राउंड हिस्से के निर्माण को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
पहले पटना जंक्शन से रूकनपुरा तक अंडरग्राउंड निर्माण
कॉरिडोर-1 के पहले चरण में पटना जंक्शन से रूकनपुरा तक अंडरग्राउंड मेट्रो का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में पटना जंक्शन से मीठापुर तक अंडरग्राउंड मेट्रो का निर्माण प्रस्तावित है।
वहीं, कॉरिडोर-1 के 7.39 किलोमीटर एलिवेटेड हिस्से में पाटलिपुत्र से दानापुर तक का क्षेत्र शामिल है। इस हिस्से में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। खेमनीचक से मीठापुर के बीच भी एलिवेटेड ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। इस हिस्से पर जून 2027 में मेट्रो परिचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
कॉरिडोर-2 की लंबाई 14.55 किलोमीटर
पटना मेट्रो के कॉरिडोर-2 की कुल लंबाई 14.55 किलोमीटर है। इसमें 7.92 किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड और बाकी हिस्सा एलिवेटेड है। कॉरिडोर-2 के 6.2 किलोमीटर एलिवेटेड हिस्से पर फिलहाल मेट्रो ट्रेन का परिचालन हो रहा है।
इस चालू हिस्से में आईएसबीटी, जीरो माइल, भूतनाथ और मलाही पकड़ी स्टेशन शामिल हैं। वहीं, अंडरग्राउंड हिस्से में राजेंद्रनगर, मोइनुल हक स्टेडियम, पटना विश्वविद्यालय, पीएमसीएच, गांधी मैदान, आकाशवाणी और पटना जंक्शन स्टेशन शामिल हैं।
कॉरिडोर-2 के अंडरग्राउंड हिस्से पर परिचालन वर्ष 2028 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सुरंग निर्माण समेत अन्य जरूरी कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।







