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बिहार में ऑटो-ई-रिक्शा के लिए नए नियम, अब जोन और कलर कोड से तय होगा रूट

पटना : राजधानी में बढ़ती ट्रैफिक समस्या और ऑटो-ई-रिक्शा के अनियंत्रित संचालन को व्यवस्थित करने के लिए परिवहन व्यवस्था में बदलाव की तैयारी है। नई व्यवस्था के तहत शहर को अलग-अलग जोन में बांटकर ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन को परमिट से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही वाहनों की पहचान के लिए कलर कोड और रूट नंबर की व्यवस्था लागू की जा रही है।

अब हर इलाके में नहीं चला सकेंगे ऑटो और ई-रिक्शा

नई व्यवस्था के तहत ऑटो और ई-रिक्शा को जिस क्षेत्र का परमिट मिलेगा, उन्हें मुख्य रूप से उसी निर्धारित क्षेत्र में संचालन की अनुमति होगी।

इसका उद्देश्य शहर में हर सड़क और इलाके में ऑटो-ई-रिक्शा की भीड़ को कम करना और यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना है।

शहर को जोन में बांटने की तैयारी

नई व्यवस्था में पटना शहर को तीन जोन में बांटने की बात सामने आई है। प्रत्येक जोन के लिए अलग परमिट और संचालन व्यवस्था निर्धारित की जाएगी।

इससे प्रशासन को यह पता रखने में आसानी होगी कि कौन-सा वाहन किस क्षेत्र में संचालित हो रहा है।

कलर कोड से होगी वाहनों की पहचान

ऑटो और ई-रिक्शा की पहचान आसान बनाने के लिए कलर कोडिंग सिस्टम भी लागू किया जा रहा है।

अलग-अलग क्षेत्र या संचालन व्यवस्था के अनुसार वाहनों पर निर्धारित रंग का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे ट्रैफिक पुलिस और यात्रियों को भी वाहन के निर्धारित क्षेत्र की पहचान करने में सुविधा होगी।

रूट नंबर से तय होगा संचालन

नई व्यवस्था में केवल जोन ही नहीं, बल्कि रूट नंबर भी महत्वपूर्ण होगा। परमिट और निर्धारित रूट के अनुसार ही ऑटो या ई-रिक्शा का संचालन किया जा सकेगा।

इससे मनमाने तरीके से रूट बदलने और भीड़भाड़ वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की संख्या नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अपने वाहन चलाने वाले चालकों को भी राहत की उम्मीद

नई परमिट व्यवस्था में अपने ऑटो या ई-रिक्शा के मालिक खुद वाहन चलाने वाले चालकों के लिए भी प्रावधान किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य छोटे वाहन मालिकों और वास्तविक चालकों को व्यवस्था में उचित स्थान देना है।

ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना है मुख्य उद्देश्य

पटना में लगातार बढ़ते ऑटो और ई-रिक्शा के कारण कई प्रमुख सड़कों पर जाम की समस्या बनी रहती है। खासकर बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख चौराहों के आसपास बड़ी संख्या में वाहन खड़े होने से यातायात प्रभावित होता है।

जोन, रूट और कलर कोड लागू होने के बाद प्रशासन को वाहनों के संचालन को नियंत्रित करने में आसानी हो सकती है।

यात्रियों को भी मिलेगी सुविधा

नई व्यवस्था का असर यात्रियों पर भी पड़ सकता है। कलर कोड और रूट नंबर स्पष्ट होने से यात्रियों को यह पहचानने में आसानी होगी कि कौन-सा ऑटो या ई-रिक्शा किस दिशा या इलाके के लिए है।

इससे निर्धारित रूट पर वाहन मिलने और अव्यवस्थित तरीके से चलने वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

नियम तोड़ने पर कार्रवाई की तैयारी

परमिट, जोन और निर्धारित रूट के नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की ओर से कार्रवाई की जा सकती है।

नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए वाहन मालिकों और चालकों को निर्धारित नियमों और कलर कोड की जानकारी देना भी जरूरी होगा।

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