जमालपुर (मुंगेर): पूर्व रेलवे के मालदा मंडल के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक जमालपुर डीजल लोको शेड में शंटिंग के दौरान हुई गंभीर सुरक्षा चूक के मामले में रेलवे प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एक ही ट्रैक पर दो इंजन भेजे जाने के बाद हुई टक्कर के मामले में दो असिस्टेंट लोको फोरमैन (एएलएफ) और दो लोको पायलटों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
उच्चस्तरीय जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सीनियर डीएमई केके दास ने चारों रेलकर्मियों के खिलाफ यह कार्रवाई की। इसके साथ ही सभी के विरुद्ध वृहद दंड के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। घटना एक सितंबर को जमालपुर लोको शेड के आंतरिक शंटिंग यार्ड में हुई थी।
जानकारी के अनुसार, लोको शेड में नियमित मेंटेनेंस और आवाजाही के लिए इंजनों की शंटिंग की जा रही थी। इसी दौरान परिचालन समन्वय और सिग्नलिंग में चूक के कारण एक ही ट्रैक पर दो इंजन आमने-सामने आ गए। दोनों इंजन के चालकों के स्थिति संभालने से पहले ही जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में एक इंजन का चक्का पटरी से उतर गया।
टक्कर की तेज आवाज और झटके के बाद लोको शेड परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही तकनीकी टीम और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद इंजन को सुरक्षित किया गया और स्थिति को नियंत्रित किया गया।
जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही
घटना को रेलवे प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी का गठन किया। समिति ने शंटिंग ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका, आपसी समन्वय, वॉकी-टॉकी के जरिए संचार, शंटिंग सिग्नल और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के पालन की जांच की।
जांच में ट्रैक क्लीयरेंस, पॉइंट्समैन और लोको पायलट के बीच समुचित तालमेल समेत कई पहलुओं की पड़ताल की गई। समिति ने ड्यूटी पर तैनात दोनों एएलएफ और दोनों इंजनों के लोको पायलटों को प्रथम दृष्टया जिम्मेदार माना। जांच रिपोर्ट के आधार पर चारों के निलंबन का आदेश जारी किया गया।
शंटिंग व्यवस्था में बढ़ाई गई निगरानी
चार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद जमालपुर लोको शेड में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है। इंजन को ट्रैक पर मूव करने से पहले एएलएफ, लोको पायलट और शंटिंग से जुड़े कर्मचारियों के बीच समन्वय और क्रॉस-वेरिफिकेशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिचालन और संरक्षा से जुड़े नियमों में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और शंटिंग परिचालन को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।







