डेस्क : राम जानकी पथ के बाकी हिस्से के निर्माण का रास्ता अब साफ होता दिख रहा है। परियोजना के तीसरे और चौथे पैकेज के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है। दोनों पैकेज के निर्माण पर करीब 8,200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। डीपीआर को जल्द ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा जाएगा। मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किया जाएगा।
मेहरौना घाट से भिट्टा मोड़ तक बनेगा राम जानकी पथ
राम जानकी पथ के तहत उत्तर प्रदेश के मेहरौना घाट से बिहार-नेपाल सीमा पर स्थित भिट्टा मोड़ तक करीब 240 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाना है।
परियोजना के तीसरे और चौथे पैकेज के तहत सारण जिले के मशरख से भिट्टा मोड़ तक करीब 150 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाना है। इसके पूरा होने के बाद बिहार के कई जिलों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
107 गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण
मशरख से भिट्टा मोड़ के बीच बनने वाली सड़क का रूट पहले ही निर्धारित किया जा चुका है। करीब 150 किलोमीटर लंबे इस हिस्से के निर्माण के लिए 107 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें सारण के 10, गोपालगंज के 13, पूर्वी चंपारण के 48, शिवहर के 5 और सीतामढ़ी के 31 गांव शामिल हैं।
इनमें सबसे अधिक 48 गांव पूर्वी चंपारण जिले के हैं। डीपीआर को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मशरख से शिवहर तक बनेगी 76 किमी फोरलेन सड़क
तीसरे पैकेज के तहत मशरख से शिवहर तक करीब 76 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसे फोरलेन के रूप में विकसित करने की योजना है। जमीन अधिग्रहण और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा।
पहले और दूसरे पैकेज का काम जारी
राम जानकी पथ के पहले और दूसरे पैकेज के तहत करीब 90 किलोमीटर सड़क का निर्माण पहले से जारी है। अब तीसरे और चौथे पैकेज की डीपीआर तैयार होने से परियोजना के बाकी हिस्सों पर भी काम शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
पूरी परियोजना के तैयार होने के बाद बिहार के कई जिलों को बेहतर फोरलेन कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके साथ ही बिहार-नेपाल सीमा तक आवागमन आसान होगा और उत्तर प्रदेश, बिहार तथा नेपाल सीमा क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क को भी मजबूती मिलेगी।







