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Bihar Daroga Exam: 1799 पदों की भर्ती में कथित धांधली की जांच का दायरा बढ़ेगा? EOU ने BPSSC से मांगी तस्वीरें और वीडियो

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बिहार पुलिस में 1799 दरोगा पदों पर भर्ती के लिए हुई मुख्य परीक्षा में कथित धांधली के आरोपों की जांच अब और आगे बढ़ सकती है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की विशेष जांच टीम (SIT) फिलहाल पूर्णिया साइबर थाना और गया के रामपुर थाना में दर्ज मामलों की जांच कर रही है। इसी बीच अलग-अलग परीक्षा केंद्रों को लेकर अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों की शिकायतों ने जांच का दायरा बढ़ने के संकेत दिए हैं।

दारोगा भर्ती परीक्षा को लेकर कई अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों ने अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर कथित अनियमितता की शिकायत की है। कुछ शिकायतों के साथ तस्वीरें और वीडियो भी उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए EOU ने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) से पूरे मामले में जानकारी मांगी है।

तस्वीर और वीडियो का होगा सत्यापन

EOU की SIT ने BPSSC को पत्र भेजकर विभिन्न परीक्षा केंद्रों से जुड़ी तस्वीरों और वीडियो का सत्यापन कराने को कहा है। जांच एजेंसी यह पता लगाएगी कि अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री वास्तव में संबंधित परीक्षा केंद्रों की है या नहीं।

इसके साथ ही तस्वीरों और वीडियो में दिखाई देने वाली परिस्थितियों की भी जांच की जाएगी। यदि सामग्री की सत्यता की पुष्टि होती है तो यह जांच में अहम सुराग साबित हो सकती है। हालांकि, केवल तस्वीर या वीडियो सामने आने से उसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं मानी जा सकती। अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

पूर्णिया और गया के बाद दूसरे जिलों पर भी नजर

फिलहाल EOU की SIT पूर्णिया साइबर थाना और गया के रामपुर थाना में दर्ज मामलों को केंद्र में रखकर जांच कर रही है। हालांकि, अन्य जिलों से भी अभ्यर्थियों की शिकायतें जांच एजेंसी तक पहुंचने की बात सामने आई है।

इन शिकायतों में परीक्षा केंद्रों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का जिक्र है। अब इन शिकायतों और उपलब्ध सामग्री का सत्यापन कराया जाएगा। जांच के बाद तय होगा कि किन मामलों को मौजूदा जांच में शामिल किया जाए और क्या जांच का दायरा दूसरे परीक्षा केंद्रों या जिलों तक बढ़ाया जाए।

EOU ने मांगी थीं गोपनीय शिकायतें

दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित धांधली की जांच के दौरान EOU ने अभ्यर्थियों और छात्रों से गोपनीय शिकायतें मांगी थीं। इसके लिए टोल फ्री नंबर, व्हाट्सऐप नंबर और ईमेल के जरिए शिकायत भेजने की व्यवस्था की गई थी।

जांच एजेंसी का उद्देश्य था कि जिन अभ्यर्थियों के पास परीक्षा में कथित अनियमितता से जुड़ी जानकारी, दस्तावेज, तस्वीर या वीडियो हैं, वे उसे जांच एजेंसी तक पहुंचा सकें। इसके बाद प्राप्त शिकायतों और सामग्री की जांच की जा रही है।

सरकार ने फिलहाल रोकी भर्ती प्रक्रिया

1799 दरोगा पदों की भर्ती को लेकर विवाद के बीच राज्य सरकार ने फिलहाल बहाली प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है। परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला नवगठित परीक्षा सुधार कमेटी की रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा।

सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पूरी प्रक्रिया की समीक्षा के लिए कमेटी का गठन किया है। कमेटी करीब तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसमें परीक्षा प्रणाली, संभावित खामियों और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के उपायों को लेकर सुझाव दिए जाने की उम्मीद है।

अब EOU की जांच और कमेटी की रिपोर्ट पर नजर

दारोगा भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद के बीच हजारों अभ्यर्थियों की नजर अब EOU की जांच और परीक्षा सुधार कमेटी की रिपोर्ट पर है। एक ओर EOU शिकायतों, तस्वीरों और वीडियो की सत्यता जांच रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार भर्ती प्रक्रिया को लेकर कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार करेगी।

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