पटना : बिहार के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया तेज कर दी है। राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में 783 तकनीकी कर्मियों की नई नियुक्ति की तैयारी है। इन नियुक्तियों के बाद अस्पतालों में तकनीकी स्टाफ की कमी दूर करने में मदद मिलेगी और मरीजों को जांच एवं उपचार से जुड़ी सुविधाएं बेहतर तरीके से मिल सकेंगी।
एक महीने में पूरी होगी ज्वाइनिंग
स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने की तैयारी की जा रही है। चयनित अभ्यर्थियों की एक महीने के भीतर ज्वाइनिंग कराने का लक्ष्य रखा गया है।
इससे अस्पतालों में लंबे समय से खाली पड़े तकनीकी पदों को भरने में मदद मिलेगी। खासकर जांच और ऑपरेशन से जुड़ी सेवाओं में कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
किन पदों पर होगी नियुक्ति?
नई नियुक्तियों में अस्पतालों की तकनीकी सेवाओं से जुड़े विभिन्न पद शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से ओटी असिस्टेंट, ईसीजी टेक्नीशियन और अन्य तकनीकी कर्मी शामिल हैं। इससे अस्पतालों में ऑपरेशन थिएटर और जांच सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग पहले भी तकनीकी और पैरामेडिकल स्टाफ के हजारों पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ा चुका है।
अस्पतालों में तकनीकी स्टाफ की कमी होगी दूर
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ-साथ तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता भी बेहद महत्वपूर्ण है। ईसीजी, एक्स-रे, लैब जांच और ऑपरेशन थिएटर जैसी सेवाओं के लिए प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत होती है।
नई नियुक्तियों से इन सेवाओं को नियमित रूप से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मरीजों को जांच और इलाज में मिलेगी राहत
तकनीकी कर्मचारियों की कमी का सीधा असर अस्पतालों में होने वाली जांच और उपचार सेवाओं पर पड़ता है। कई बार स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को जांच के लिए इंतजार करना पड़ता है या उन्हें दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
नई नियुक्तियों के बाद अस्पतालों में उपलब्ध मानव संसाधन बढ़ेगा, जिससे मरीजों को समय पर जांच और उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर चल रही नियुक्तियां
बिहार सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था में मानव संसाधन की कमी दूर करने के लिए लगातार नियुक्तियां कर रही है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग ने स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन, ड्रेसर, ओटी असिस्टेंट और ईसीजी टेक्नीशियन समेत विभिन्न पदों पर बड़े पैमाने पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
स्वास्थ्य विभाग का फोकस सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ-साथ पैरामेडिकल और तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता बढ़ाने पर भी है।
ग्रामीण और जिला अस्पतालों को भी फायदा
नई नियुक्तियों का लाभ केवल बड़े शहरों के अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगा। जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ने से ग्रामीण और दूरदराज के मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकती हैं।
सरकार का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में जांच, उपचार और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।







