पटना : बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पात्र परिवारों को आवास का लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। राज्य में कुल 1 करोड़ 4 लाख 90 हजार 743 संभावित लाभुकों के लिए आवास सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रारूप सूची तैयार की गई है। 11 सितंबर को ‘डिलीशन मॉड्यूल’ की प्रक्रिया पूरी कर प्रारूप सूची जिला लॉगिन में भेज दी गई है। अब पात्रता की जांच के बाद बड़ी संख्या में नाम सूची से हटाए जाने की संभावना है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार करीब 40 फीसदी नाम हट सकते हैं।
30 सितंबर तक ग्रामसभा से सूची का अनुमोदन
तैयार प्रारूप सूची को अब संबंधित ग्रामसभा के समक्ष रखा जाएगा। ग्रामसभा को अधिकतम 20 दिनों के भीतर यानी 30 सितंबर तक सूची का अनुमोदन कर उसे संबंधित प्रखंड कार्यालय को भेजना होगा। इसके लिए 27 सितंबर को पंचायत विकास दिवस के अवसर पर विशेष ग्रामसभा आयोजित कर सूची पर चर्चा और अनुमोदन की तैयारी की जा रही है।
समय पर ग्रामसभा नहीं हुई तो सूची मानी जाएगी स्वीकृत
निर्धारित अवधि में यदि किसी पंचायत में ग्रामसभा का आयोजन नहीं होता है, तो संबंधित प्रारूप सूची को स्वतः अनुमोदित माना जाएगा। वहीं, समय सीमा के भीतर ग्रामसभा आयोजित नहीं कराने वाले संबंधित पंचायत सचिव के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
31 अक्टूबर तक जारी होगी अंतिम प्राथमिकता सूची
ग्रामसभा से अनुमोदन मिलने के बाद आपत्तियों और शिकायतों की जांच की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर अपीलीय समिति की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। जांच और आपत्तियों के निपटारे के बाद 31 अक्टूबर तक अंतिम प्राथमिकता सूची को मंजूरी देने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास ने इस संबंध में राज्य के सभी जिलाधिकारियों और उपविकास आयुक्तों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
1.04 करोड़ संभावित लाभुकों में 40% नाम हटने की संभावना
ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 20 लाख 44 हजार 427 ग्रामीणों ने स्वयं को आवास योजना का पात्र बताते हुए दावा किया है। वहीं, 84 लाख 46 हजार 316 लोगों ने विभागीय सर्वेक्षणकर्ताओं के माध्यम से अपनी पात्रता दर्ज कराई है।
अब विभाग द्वारा पात्रता की शर्तों के आधार पर इन नामों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान अपात्र पाए जाने वाले परिवारों के नाम प्रारूप सूची से हटाए जा सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक करीब 40 फीसदी नाम हटने की संभावना है।
पक्का मकान और दो से ज्यादा कमरे होने पर नहीं मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में पात्रता के लिए कई मापदंड निर्धारित किए गए हैं। जिन परिवारों के पास पहले से पक्की छत या पक्की दीवारों वाला मकान है अथवा दो से अधिक कमरों का मकान है, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
इसके अलावा मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन अथवा मशीनी कृषि उपकरण रखने वाले परिवार भी पात्रता से बाहर होंगे।
15 हजार रुपये से अधिक मासिक आय वालों को भी किया जाएगा बाहर
ऐसे परिवार जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये से अधिक है, उन्हें भी योजना के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। परिवार का कोई सदस्य आयकर या व्यवसाय कर देता है तो भी उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
इसके अलावा 50 हजार रुपये या उससे अधिक की सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड रखने वाले परिवार और सरकारी नौकरी वाले परिवारों को भी पात्रता सूची से बाहर किया जाएगा।
जमीन की सीमा भी बनी पात्रता का आधार
भूमि की उपलब्धता को भी पात्रता जांच का हिस्सा बनाया गया है। जिन परिवारों के पास 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि या पांच एकड़ से अधिक असिंचित भूमि है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ नहीं दिया जाएगा।
कमजोर और वंचित परिवारों को मिलेगी प्राथमिकता
अंतिम प्राथमिकता सूची तैयार करते समय समाज के कमजोर और वंचित परिवारों को प्राथमिकता देने की तैयारी है। इनमें दिव्यांग सदस्य वाले परिवार, महिला मुखिया वाले ऐसे परिवार जिनमें कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है, आश्रयहीन परिवार, भीख मांगकर जीवनयापन करने वाले, हाथ से मैला ढोने वाले, बंधुआ मजदूर, आदिम जनजातीय समूह और गंभीर बीमारी से प्रभावित परिवार शामिल हैं।
हर जिले में बनेगी तीन सदस्यीय अपीलीय समिति
लाभुकों की शिकायतों के निपटारे और संभावित अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रत्येक जिले में तीन सदस्यीय जिला स्तरीय अपीलीय समिति गठित की जाएगी। 15 सितंबर तक समिति के गठन का लक्ष्य रखा गया है।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति में डीएम या उनके नामित अधिकारी अध्यक्ष होंगे। इसके अलावा डीएम द्वारा मनोनीत एक पदाधिकारी और एक प्रतिष्ठित गैर सरकारी व्यक्ति को सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा।
सार्वजनिक की जाएगी अंतिम सूची
अंतिम रूप से स्वीकृत प्राथमिकता सूची को सार्वजनिक किया जाएगा। सूची को ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड, सार्वजनिक स्थानों और पंचायत की दीवारों पर प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की आधिकारिक वेबसाइट पर भी सूची उपलब्ध कराई जाएगी।
इस प्रक्रिया के बाद पात्र परिवारों की पहचान अधिक पारदर्शी तरीके से करने और योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।







